नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए रेप-हत्या मामले के बाद से प्रर्दशन कर रहे जूनियर डॉक्टर्स ने हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया है। डॉक्टर्स ने ऐलान किया कि शनिवार यानी 21 सितंबर से ही काम पर वापस लौट जाएंगे। मगर अभी फिलहाल इमरजेंसी सेवाए ही खुलेंगी और ओपीडी सेवाए बंद रहेंगी।
ममता बनर्जी से बैठक मे रखी थी 5 मांगे
जूनियर डॉक्टर्स ट्रेनी डॉक्टर के रेप व मर्डर मामले के कारण प्रर्दशन कर रहे थे। उन्होंने ममता बनर्जी के साथ मीटिंग में पश्चिम बंगाल सरकार से कोलकाता पुलिस कमिश्नर को हटाए जाने समेत पांच मांगे रखी थीं। ममता बनर्जी ने डॉक्टर्स की ज्यादातर मांगे स्वीकार कर ली थी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले पर डॉक्टर्स को काम पर वापस लौटने के लिए कहा था।
आंदोलन को नए तरह से बढ़ाएंगे प्रर्दशनकारी डॉक्टर्स
प्रर्दशनकारी डॉक्टर्स ने कहा है कि शनिवार से बंगाल के सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन आवश्यक सेवाएं छोटे स्तर पर शुरू कर दी जाएंगी। बंगाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए आवश्क कदम उठाए जाएंगे। डॉक्टर्स का कहना है कि इंसाफ के लिए अभी उनकी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। उनमें से एक डॉ. अकीब ने कहा हे कि वे विरोध को अलग तरीके से करेंगे। प्रर्दशन के 41वें दिन उन्होंने कहा है कि पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट यह कहना चाहता है कि उन्होंने अपने आंदोलन के दौरान बहुत कुछ हासिल किया लेकिन कई चीजें अभी हासिल करना बाकी हैं। आगे उन्होंने बताया कि उनके कारण ही कोलकाता के पुलिस आयुक्त और DME, DHS इस्तीफा देने के लिए मजबूर हुए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आंदोलन खत्म हो गया है, हम नए तरीके से इसे आगे बढ़ाएंगे। अकीब ने यह भी बताया कि वो अभी भी मांग कर रहे है कि प्रमुख सचिव को हटाया जाए।





