नई दिल्ली, 26 जून (हि.स.)। सरकारी नौकरी और टेंडर दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपितों को दक्षिण-पूर्व जिला के एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान गोंडा, भजनपुरा, दिल्ली निवासी महेंद्र तिवारी उर्फ बबलू (43), एसजीएम नगर, फरीदाबाद निवासी निवासी प्रवीन राघव (40) और अमेठी, यूपी निवासी लवकुश मिश्रा (38) के रूप में हुई है। आरोपितों ने लखनऊ में 120 करोड़ का सरकारी टेंडर दिलवाने के नाम पर गुजरात के कारोबारी से ठगी की थी। तीनों की गिरफ्तारी पर यूपी पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। इनकी गिरफ्तारी की सूचना दिल्ली पुलिस ने यूपी पुलिस को सौंप दी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। दक्षिण-पूर्व जिले के डीसीपी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के एसटीएफ को गुरुवार को सूचना मिली कि उत्तर-प्रदेश के इनामी तीन बदमाश मथुरा रोड पर मदनपुर खादर के नजदीक आने वाले हैं। सूचना के बाद फौरन एसटीएफ इंचार्ज एसआई रामकुमार व अन्यों की टीम ने जांच शुरू कर दी। मुखबिर के इशारे पर एक कार को जांच के लिए रोका गया। कार चला रहे शख्स की पहचान प्रवीन राघव के रूप में हुई। कार में तीन आरोपित सवार थे। बाकी दोनों महेंद्र व लवकुश को भी पुलिस ने काबू कर लिया। इनके पास से कुल नौ मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि तीनों गहरे दोस्त हैं। वर्ष 2020 में इन लोगों ने आशीष राय व बाकी अन्य लोगों के साथ मिलकर अहमदाबाद, गुजरात के एक कारोबारी नरेंद्र भाई पटेल के साथ ठगी की थी। इन लोगों ने नरेंद्र भाई पटेल को 120 करोड़ का टेंडर दिलवाने का झांसा देकर मोटी रकम हड़प ली थी। यूपी पुलिस ने मामले में आशीष राय को गिरफ्तार कर लिया था जबकि तीनों आरोपी फरार थे। इस संबंध में लखनऊ के हजरतगंज में ठगी का मामला दर्ज हुआ था। यूपी पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। तीनों को गिरफ्तार कर इनको यूपी पुलिस के हवाले कर दिया गया। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी




