नई दिल्ली, 28 फरवरी (हि.स.)। उत्तर-पूर्वी जिला के एएटीएस (एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड) ने मकोका में वांटेड गैंगस्टर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपित की पहचान चरणजीत सिंह उर्फ डब्बू (49) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपित के पास से एक पिस्टल व सात कारतूस बरामद किए हैं। अपराध की दुनिया में डब्बू जाना-माना नाम है। इसके खिलाफ पहले से 46 अपराधिक मामले दर्ज हैं। कोरोना से पूर्व यह दयालपुर में हुई हत्या के मामले में जेल में बंद था लेकिन बाद में कोरोना का फायदा उठाकर यह पैरोल पर बाहर आ गया। इसके बाद इसने दोबारा जेल में सरेंडर नहीं किया। पुलिस मकोका में आरोपित की तलाश कर रही थी। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने बताया कि एएटीएस में तैनात एसआई अखिल, जयवीर व हवलदार नेमपाल व अन्यों की टीम को सूचना मिली कि चरणजीत सिंह उर्फ डब्बू व उसका साथी गैंगस्टर कंवलजीत उर्फ बिट्टू गली नंबर-2, मौजपुर में आने वाले हैं। सूचना के बाद 25 फरवरी को टीम ने अपना जाल बिछा लिया। इस बीच मुखबिर के इशारे पर दोपहर के समय आरोपित चरणजीत को मौजपुर में एक मकान के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से एक पिस्टल व सात कारतूस बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में उसका केबल का कारोबार है। वह पिछले करीब 29 सालों से अपराध की दुनिया में शामिल रहा है। दयालपुर हत्याकांड में पैरोल पर बाहर आने के बाद वह दोबारा से अपना गैंग खड़ा करने में जुटा हुआ था। काफी हद तक उसने अपने साथी इकट्ठे कर भी लिये थे। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी




