पोसाकोनाजोल और एम्फोटेरेसिन-बी के वितरण की जानकारी विभाग को देने के निर्देश रायपुर, 17 मई (हि.स.)।बिलासपुर के सिम्स में ब्लैक फंगस के दो महिलाओं सहित तीन मरीजों को भर्ती किया गया है। इसमें दो मरीजों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। तीनों ही कोरोना संक्रमित होने के बाद ठीक हो गए थे। इसके बाद उन्हें दिक्कत शुरू हुई। सोमवार को तीनों नए मरीजों को सिम्स लाया गया है। इसमें रतनपुर की 40 वर्षीय महिला, गौरेला पेंड्रा जिले की 35 वर्षीय महिला और जांजगीर अकलतरा के 50 वर्षीय पुरुष शामिल है। सिम्स प्रबंधन ने बताया कि, इनका उपचार शुरू कर दिया गया है। वहीं स्थिति को देखते हुए मरीजों के बढ़ने की भी आशंका सिम्स प्रबंधन ने जताई है। बिलासपुर, गौरेला पेंड्रा मरवाही और जांजगीर जिले से तीन नए मामलों के सामने आने के बाद अब प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है। प्रदेश में ब्लैक फंगस के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी थोक दवा विक्रेताओं को इसके इलाज में उपयोग होने वाले पोसाकोनाजोल और एम्फोटेरेसिन-बी के वितरण की जानकारी विभाग को देने के निर्देश दिए हैं। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इस संबंध में सभी थोक औषधि विक्रेताओं को परिपत्र जारी किया है। विभाग ने परिपत्र में कहा है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंगस का संक्रमण बढ़ रहा है। इसकी रोकथाम के लिए पोसाकोनाजोल और एम्फोटेरेसिन-बी दवा का युक्तिसंगत वितरण अति आवश्यक है। इसके लिए प्रदेश के सभी अनुज्ञप्तिधारी थोक औषधि विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि वे इन दोनों दवाओं का वितरण खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को जानकारी दिए बिना न करें। दवा विक्रेताओं द्वारा जानकारी नहीं दिए जाने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 18(B), 66(1) के तहत अनुज्ञप्ति निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार /केशव शर्मा




