नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार जीत दर्ज की है। भाजपा ने 27 सालों बाद सत्ता में वापसी की है। पार्टी ने अब दिल्ली में बहुमत से सरकार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच निवेशकों को अब सोमवार को बाजार खुलने का इंतजार है। लोगों में उत्सुकता है कि इस जीत का शेयर बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा। आइये जानते हैं शेयर बाजार के एक्सपर्ट से कैसा रहेगा सोमवार का शेयर बाजार?
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कई कारण होते हैं। जिनमें चुनावी नतीजे एक महत्वपूर्ण कारण होते हैं। खासकर जब किसी पार्टी की सरकार केंद्र में होती है और वही पार्टी किसी राज्य में भी सत्ता में आती है, तो इसका असर अक्सर शेयर बाजार पर सकारात्मक होता है। इसका उदाहरण हमें हरियाणा और महाराष्ट्र में देखने को मिला था, जहां बीजेपी की जीत के बाद शेयर बाजार सकारात्मक रुझान में खुला था।
महाराष्ट्र में बीजेपी के गठबंधन की जीत के बाद सेंसेक्स ने एक बड़ी उछाल मारी और 1000 प्वाइंट पर आया था। जबकि हरियाणा में सेंसेक्स 585 प्वाइंट ऊपर खुला था। बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में बीजेपी की जीत से निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, वे यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि ग्लोबल इंडिकेशन का दबाव बना हुआ है और खासकर अमेरिका से आने वाले संकेतों का असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में बीजेपी की जीत का राजनीतिक महत्व तो है ही, लेकिन इसका बाजार पर भी असर होगा। बीजेपी की जीत से शेयर बाजार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल भारतीय शेयर बाजार दबाव में है और अपने उच्चतम स्तर से गिर चुका है। सितंबर 2024 में निफ्टी ने 26,277 अंक का रिकॉर्ड उच्चतम स्तर छुआ था, लेकिन अब वह लगभग 10 फीसदी यानी 2,700 अंक नीचे है। वहीं सेंसेक्स का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 85,978.25 अंक था, जो अब गिरकर 77,860 अंक पर आ गया है, यानी यह 8,000 अंक नीचे है। इस स्थिति में विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार अपने निचले स्तर पर है, और दिल्ली में बीजेपी की जीत इसे एक सकारात्मक मोड़ दे सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार इस जीत के कारण बाजार में तेज़ी आ सकती है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से प्रभावित
वर्तमान में शेयर बाजार विदेशी निवेशकों की बिकवाली से प्रभावित है। हालांकि, दिल्ली में बीजेपी की जीत से केंद्र सरकार को मजबूती मिलेगी, जिसका सकारात्मक असर बाजार पर पड़ सकता है। हालांकि, यह प्रभाव लंबे समय तक जारी नहीं रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि हरियाणा या महाराष्ट्र में बीजेपी की जीत के बाद बाजार में जो तेजी आई थी, वह इस वजह से थी क्योंकि लोगों को उम्मीद नहीं थी कि बीजेपी इन राज्यों में इतनी ताकत से जीतेगी। दरअसल, बाजार अप्रत्याशित घटनाओं पर अधिक प्रतिक्रिया करता है, जबकि दिल्ली में लोगों को एग्जिट पोल के जरिए पहले ही अंदाजा हो चुका था कि आम आदमी पार्टी की सरकार हारने वाली है।




