नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । हर कोई चाहता है कि उसके पास खूब पैसा हो, लेकिन हकीकत यह है कि अमीर और अमीर होते जाते हैं, जबकि मध्यम वर्ग अक्सर आर्थिक समस्याओं से जूझता रहता है। ऐसा क्यों होता है? ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी के मुताबिक, इसका सबसे बड़ा कारण है आर्थिक सोच और गलत फाइनेंशियल आदतें। कियोसाकी बताते हैं कि मिडिल क्लास लोग आमतौर पर मेहनत तो खूब करते हैं, लेकिन वे पैसे के लिए काम करते हैं, जबकि अमीर लोग पैसे को अपने लिए काम पर लगाते हैं। यही सोच का फर्क लंबे समय में उनकी वित्तीय स्थिति को तय करता है।
अमीर और मिडिल क्लास की सोच में है असली फर्क
‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी कहते हैं कि अमीर और गरीब के बीच सबसे बड़ा अंतर सिर्फ उनकी आय में नहीं, बल्कि पैसे को लेकर उनकी सोच में होता है।
अमीर लोग क्या सोचते हैं?
वे पैसा कमाने से ज्यादा, पैसे को बढ़ाने पर ध्यान देते हैं। उनका फोकस होता है ऐसी संपत्तियां बनाना जो उनके लिए लगातार इनकम जनरेट करें। वे चाहते हैं कि पैसा उनके लिए काम करे, न कि वे हमेशा पैसे के पीछे भागते रहें।
मिडिल क्लास और गरीब लोग क्या करते हैं?
इनकम का ज्यादातर हिस्सा खर्चों और इच्छाओं पर चला जाता है। हर महीने की सैलरी का इंतज़ार करते हैं, ताकि बिल चुका सकें। जो थोड़ा बहुत बचता है, वह खपत में खत्म हो जाता है, निवेश या संपत्ति निर्माण में नहीं लगता। यही सोच का फर्क है, जो वक्त के साथ एक गहरी आर्थिक खाई में बदल जाता है।
मिडिल क्लास की आम गलती जो रोकती है अमीर बनने का रास्ता
रॉबर्ट कियोसाकी कहते हैं कि मिडिल क्लास के लोग अक्सर एक बड़ी गलती करते हैं। वे अपनी कमाई का ज्यादातर हिस्सा उन चीजों पर खर्च कर देते हैं जिनकी उन्हें असल में जरूरत नहीं होती और जिनसे कोई फायदा नहीं मिलता। ऐसे खर्च उन्हें बचत और निवेश करने से रोकते हैं क्योंकि ये देयताएं (Liabilities) होती हैं जो लगातार उनकी जेब से पैसा निकालती रहती हैं। इस वजह से वे कभी भी अपने धन को बढ़ा नहीं पाते और हमेशा खर्च के जाल में फंसे रहते हैं।
मिडिल क्लास के लोग क्या खरीदते है ?
मिडिल क्लास लोग अक्सर ऐसी चीजें खरीद लेते हैं जो वक्त के साथ अपनी कीमत खो देती हैं या जिन पर लगातार खर्च होता रहता है। रॉबर्ट कियोसाकी इन्हें ‘देनदारियां’ कहते हैं क्योंकि ये आपकी जेब से पैसे निकालती रहती हैं, लेकिन कभी रिटर्न नहीं देतीं।
आम देनदारियां जहां मिडिल क्लास वर्ग करता है खर्च :-
महंगे फोन: हर साल नये मॉडल का फोन खरीदना, जबकि पुराना काम चला सकता है।
फैशन वाले कपड़े: ट्रेंड के पीछे महंगे कपड़े लेना सिर्फ दिखावे के लिए।
नई या महंगी कारें: जरूरत से ज्यादा महंगी कार लेना, जिसकी कीमत शोरूम से बाहर निकलते ही घट जाती है, साथ ही बीमा, मेंटेनेंस और ईंधन का खर्च भी होता है।
बड़े टीवी और गैजेट्स: ये आराम तो देते हैं, लेकिन फाइनेंशियल तौर पर कभी रिटर्न नहीं देतीं और इनकी कीमत गिरती रहती है।
ऐसी खरीदारी आपको अमीर बनने से रोकती हैं क्योंकि ये निवेश नहीं बल्कि खर्च ही हैं।
अमीर लोग क्या खरीदते हैं?
अमीर लोग अपने पैसे ऐसी चीजों में लगाते हैं जो समय के साथ उनकी कीमत बढ़ाती हैं या नियमित आय देती हैं। रॉबर्ट कियोसाकी इन्हें ‘संपत्तियां’ (Assets) कहते हैं।
अमीरों की आम संपत्तियां :-
रियल एस्टेट: प्रॉपर्टी खरीदते है, ताकि किराए पर देकर मासिक आय प्राप्त करें या उसकी कीमत बढ़े।
म्यूचुअल फंड: कई कंपनियों के शेयरों में निवेश कर पूंजी बढ़ाना।
स्टॉक (शेयर): मजबूत कंपनियों के शेयर खरीदना जो डिविडेंड दें या जिनकी कीमत बढ़े।
सोना और चांदी: मुद्रास्फीति के खिलाफ सुरक्षा और आर्थिक अनिश्चितता में कीमत बढ़ने वाली कीमती धातुएं।
खुद का बिजनेस: ऐसा व्यवसाय शुरू करना या उसमें निवेश करना जो निरंतर आय दे।
कॉपीराइट/पेटेंट: बौद्धिक संपदा जो रॉयल्टी के रूप में आमदनी लाए।
ये संपत्तियां अमीरों को फाइनेंशियल फ्रीडम और धन वृद्धि का रास्ता देती हैं।
अमीर बनने के लिए सोच और आदतों में बदलाव जरूरी
अगर आप सचमुच अमीर बनना चाहते हैं, तो अपनी सोच और वित्तीय आदतों को बदलना जरूरी है। हमेशा अपनी आय का एक हिस्सा पहले निवेश के लिए अलग रखें, न कि खर्च के बाद बचने वाले पैसे से। अपने पैसे उन चीजों पर लगाएं जो भविष्य में आपको रिटर्न दें और आपकी जेब में पैसा बढ़ाएं, न कि वे खर्चे जो सिर्फ पैसे निकालते रहें। पैसे के बारे में सीखें, निवेश के विविध विकल्पों को समझें और वित्तीय समझ विकसित करें। नियंत्रित जोखिम लेना संपत्ति बनाने का अहम हिस्सा है। हमेशा उन नए अवसरों की तलाश करें जहां आपका पैसा आपके लिए काम कर सके और आपको आर्थिक स्वतंत्रता की ओर ले जाए।





