नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने प्रमुख ब्याज दर में कटौती की है। फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) ने बुधवार देर रात ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती का फैसला किया। यूएस फेड ने लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कटौती की है। Fed ने फेडरल फंडिंग टारगेट रेट की सीमा को 0.25% घटाकर 4.25% और 4.5% के बीच कर दिया। वहीं, Reverse Repo Rate 0.30% की कटौती के साथ 4.55% से घटाकर 4.25% कर दिया गया है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने कहा कि ‘हाल के संकेत बताते हैं कि आर्थिक गतिविधि ठोस गति से बढ़ रही है।’ फेड ने स्वीकार किया कि मुद्रास्फीति थोड़ी अधिक है। फेड के इस फैसले पर निवेशकों की प्रतिक्रिया आज भारतीय शेयर बाजार में देखने को मिल रही है।
फेड अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि रोजगार और मुद्रास्फीति लक्ष्य हासिल करने के जोखिम “लगभग संतुलित” हैं। पिछले कुछ महीनों में अमेरिका में मुद्रास्फीति बढ़ी है, जिससे आने वाले वर्ष में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं। उन्होंने कहा, “वर्ष की शुरुआत से श्रम बाजार की स्थितियों में आम तौर पर सुधार हुआ है। बेरोजगारी दर बढ़ी है, लेकिन कम बनी हुई है। मुद्रास्फीति 2% लक्ष्य की ओर बढ़ गई है, लेकिन कुछ “काफी ऊंची बनी हुई है।”
उल्लेखनीय है कि निवेशक 2025 में दर में कटौती की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन अब इन उम्मीदों को झटका लगा है। फेड के पूर्वानुमान में 2025 में केवल दो 0.25% दर में कटौती का फैसला किया गया है। इससे पहले चार बार रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की उम्मीद की गई थी। केंद्रीय बैंक ने अगले साल के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान भी बढ़ा दिया है। इसे 2.1 फीसदी से बढ़ाकर 2.5 फीसदी कर दिया गया है।
दूसरी ओर विश्लेषकों ने पहले ही अनुमान लगाया था कि हाल के दिनों में मुद्रास्फीति बढ़ने के कारण फेड अगले साल ब्याज दरों में कटौती की गति धीमी कर देगा। ऐसे में अभी कुछ समय तक दरें ऊंची बनाए रखने की जरूरत है। हालिया दर कटौती के साथ-साथ, फेड ने इस वर्ष ब्याज दरों में पूरे 1 प्रतिशत की कटौती की है। वर्तमान अनुमान के अनुसार, फेड 2025 के अंत तक प्रमुख ब्याज दरों को 3.75-4 प्रतिशत की सीमा में देखता है।





