नई दिल्ली, रफ्तार। बजट 2024 में मोदी सरकार क्रेडिट कार्डधारकों को बड़ा झटका दे सकती है। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो क्रेडिट कार्ड का खूब इस्तेमाल करते हैं। सरकार घोषणा कर सकती है कि विदेश में क्रेडिट कार्ड से 7 लाख रुपए से अधिक खर्च को लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) अंतर्गत आएगा। इसका उद्देश्य विदेशी मुद्रा के बाहर जाने पर निगरानी बढ़ा देना है। एक अधिकारी के अनुसार इस प्रकार के खर्च पर आयकर अधिनियम के तहत 20 प्रतिशत टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) लागू होने की संभावना है। बता दें, 23 जुलाई को वित्त मंत्रीनिर्मला सीतारमण संघीय बजट पेश करेंगी।
विदेश भेजे जाने वाली रकम तेजी से बढ़ रही
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की LRS योजना अंतर्गत भारतीय नागरिक एक वित्त वर्ष में $250,000 तक देश से बाहर राशि भेज सकते हैं। सरकार इसे क्रेडिट कार्ड के जरिए होने वाले खर्च अंतर्गत LRS के तहत लाने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य विदेशी मुद्रा के ज्यादा निर्गमन पर नियंत्रण लगाना है। आयकर अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव संघीय बजट के वित्त अधिनियम में शामिल किया जा सकता है। RBI के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में LRS के तहत देश से बाहर भेजी गई विदेशी मुद्रा $31.73 अरब हो चुकी है, जो पिछले वर्ष के $27.14 अरब से 16.91 प्रतिशत अधिक है।
डेबिड कार्ड पर पहले से है लागू
01 फरवरी 2024 को पेश अंतरिम बजट में वित्त मंत्री ने क्रेडिट कार्ड पर इंटरनेशनल लेन-देन को TCS के तहत लाने का ऐलान नहीं किया था। अब उम्मीद है कि संघीय बजट में इसे घोषित किया जाएगा। वैसे, शिक्षा और चिकित्सा खर्च पर TCS से राहत मिलती रहेगी। इस प्रकार के खर्च पर भी सालाना 7 लाख रुपए से अधिक होने पर 20 प्रतिशत TCS लागू होता है, लेकिन क्रेडिट कार्ड पर होने वाले खर्च को LRS के तहत TCS के दायरे में नहीं लाया गया है। पहले डेबिट कार्ड को TCS दायरे में लाया गया था। क्रेडिट कार्ड के लिए बैंकों को निगरानी सिस्टम स्थापित करने के लिए समय दिया गया था।
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