back to top
24.1 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

मोदी सरकार की ये स्कीम पूरा करेगी घर का सपना, होम लोन पर मिलेगी 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी

मोदी सरकार ने वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) की शुरुआत की थी। इस योजना का दूसरा संस्करण PMAY-U2.0 भी लॉन्च हो चुका है।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । हर कोई अपना घर होने का सपना देखता है, लेकिन इसे साकार करना इतना आसान नहीं है। अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भी आपके इस सपने को साकार करने में मदद कर रही है। दरअसल, मोदी सरकार ने वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) की शुरुआत की थी। इस योजना का दूसरा संस्करण PMAY-U2.0 भी लॉन्च हो चुका है। यह शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को शहरी क्षेत्रों में किफायती लागत पर मकान बनाने, खरीदने या किराये पर लेने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए बनाया गया है।

योजना चार चरणों में होती है क्रियान्वित

दरअसल, यह योजना चार चरणों में क्रियान्वित की जा रही है। जिसमें एक- लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) है। दो- साझेदारी में किफायती आवास (एएचपी) है। तीन- किफायती किराया आवास (एआरएच) और चौथे नंबर पर है ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस)। लाभार्थी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों/यूएलबी/पीएलआई की सहायता से या पीएमएवाई-यू 2.0 के एकीकृत वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा करके योजना की चार श्रेणियों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं। हम आपको इन्हीं श्रेणियों में से एक श्रेणी – ब्याज सब्सिडी योजना के बारे में बता रहे हैं।

यह है ब्याज सब्सिडी योजना

इसके तहत रु. ईडब्ल्यूएस/एलआईजी और एमआईजी परिवारों को 1000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। 25 लाख रुपये तक के गृह ऋण पर 4% ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह सब्सिडी पांच वार्षिक किस्तों में दी जाएगी, जिसमें अधिकतम सब्सिडी रु. 1.80 लाख रु. दी जाती है। वहीं, पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत, एक नए पक्के घर में कम से कम दो कमरे, एक रसोईघर और एक शौचालय/स्नानघर होगा। इस तरह, पक्के घर में बिजली और पानी कनेक्शन जैसी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं होंगी।

इस योजना के तहत ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवार शामिल हैं। ईडब्ल्यूएस का तात्पर्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से है। वहीं, निम्न आय वर्ग को LIG श्रेणी में रखा गया है। इस वर्ग को रु. 3 लाख से रु. जिन परिवारों की वार्षिक आय रु. 1,00,000 से रु. 2,00,000 के बीच है, वे इस योजना के अंतर्गत पात्र हैं। 6 लाख की पहचान की गई है। मध्यम आय समूह (एमआईजी) रु. 6 लाख रु. रुपये के बीच वार्षिक आय वाले परिवारों के रूप में 9 लाख रुपए परिभाषित हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

SBI vs Post Office: 5 साल की FD में कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न? जानिए कहाँ होगा आपका पैसा दोगुना

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। यदि आप सुरक्षित निवेश के विकल्प की तलाश में हैं और 5 साल की अवधि के लिए एफडी (Fixed Deposit) खोलने...
spot_img

Latest Stories

रेवती नाम का मतलब-Revati Name Meaning

Meaning of Revati / रेवती नाम का मतलब :...

Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि से पहले घर लाएं ये चीजें, दूर होंगी कंगाली

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चैत्र नवरात्रि में माता रानी...

फारूक अब्दुल्ला पर हुई फायरिंग को लेकर टेंशन में गुलाम नबी आजाद, गंभीर जांच की मांग की

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार की रात जम्मू कश्मीर के...

पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत पर सरकार का एक्शन, अमित शाह की अध्यक्षता में कमिटी बनाई

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई...

गर्मियां शुरू होने से पहले घूम आएं ये जगहें, मार्च में घूमने के लिए हैं बेस्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। मार्च के महीने में न...

इच्छामृत्यु पर बनी इन फिल्मों को देखकर रह जाएंगे हैरान, जानिए लिस्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आपको बता दें कि, इस...