नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । टाटा ग्रुप की एक और कंपनी टाटा कैपिटल शेयर मार्केट में एंट्री के लिए तैयार है। यह कंपनी 15000 करोड़ रुपये का आईपीओ लेकर आ रही है। इसके लिए कंपनी ने सेबी के पास जरूरी डॉक्यूमेंट दाखिल किए हैं। मेगा आईपीओ में नए शेयर जारी करने के साथ-साथ टाटा संस द्वारा हिस्सेदारी की बिक्री भी शामिल होगी। बता दें कि Tata Capital एक गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवा कंपनी है, जो निवेश होल्डिंग कंपनी टाटा संस की प्रमुख सहायक कंपनी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा एक गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (NBFC) के रूप में पहचाने जाने वाले टाटा कैपिटल को पहले ही IPO शुरू करने के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है। जिसमें नए इश्यू के जरिए 2.3 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए जायेंगे। साथ ही कुछ पुराने शेयरधारकों को भी कंपनी अपने शेयर बेचेगी। यह जानकारी कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी है। RBI के नियमों के अनुसार, टाटा संस और टाटा कैपिटल को सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना आवश्यक है। यदि अगर ये आईपीओ सफल होता है तो यह देश के वित्तीय क्षेत्र में सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा। बता दें कि टाटा ग्रुप की यह दूसरी कंपनी होगी, जिसकी शेयर बाजार में एंट्री होगी। इससे पहले नवंबर 2023 में टाटा टेक्नोलॉजीज शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी।
टाटा कैपिटल की IPO योजना को 25 फरवरी को मिली मंजूरी
25 फरवरी को टाटा कैपिटल के बोर्ड ने आईपीओ की योजना को स्वीकृति दी। इसमें 23 करोड़ शेयरों का नया इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव शामिल है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि आईपीओ की लॉन्चिंग बाजार की स्थितियों और नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगी। 31 मार्च, 2024 तक, टाटा संस के पास टाटा कैपिटल लिमिटेड में 92.83 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि शेष हिस्सेदारी टाटा समूह की अन्य कंपनियों और IFC के पास थी। हाल ही में फिच द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि टाटा कैपिटल की सार्वजनिक लिस्टिंग के बाद टाटा संस की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से नीचे नहीं गिर सकती है।
राइट्स इश्यू को भी मिली मंजूरी
टाटा कैपिटल के बोर्ड ने आईपीओ से पहले फरवरी में 1,504 करोड़ रुपये जुटाने के लिए राइट्स इश्यू को भी मंजूरी दी। वित्त वर्ष 24 में टाटा कैपिटल को 18,178 करोड़ रुपये का राजस्व हुआ। यह राजस्व पिछले वित्त वर्ष 23 की तुलना में 34% अधिक रहा। कंपनी की लोन बुक ने 40% की सालाना वृद्धि के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया और मुनाफा 3,150 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ज्यादा मुनाफा था।





