नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच आम निवेशक एसआईपी में लगातार निवेश बढ़ा रहे हैं। एम्फी के अनुसार, सितंबर में एसआईपी में 29,361 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो अगस्त में 28,265 करोड़ रुपये था।
सितंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 30,421 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। एसआईपी में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है, लेकिन इसके लिए लंबे समय तक निवेश जारी रखना जरूरी है। अगर हर महीने 10,000 रुपये जमा किए जाएं, तो 15 साल में इसका कुल फंड कितना बन सकता है, यह जानना दिलचस्प होगा।
लंबी अवधि में मोटा पैसा बनाकर देता है SIP
अगर एसआईपी पर सालाना 12% रिटर्न मिलता है, तो हर महीने 10,000 रुपये निवेश करने से 15 साल में लगभग 47.59 लाख रुपये का फंड बन सकता है। वहीं, सालाना 15% रिटर्न मिलने पर वही निवेश 15 साल में लगभग 61.63 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न पाने के लिए एसआईपी एक बेहतरीन निवेश विकल्प है। हालांकि, एसआईपी में निवेश करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
SIP में शेयर बाजार का रिस्क
म्यूचुअल फंड SIP में रिटर्न स्थिर नहीं होता और यह पूरी तरह शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। अगर बाजार में तेजी रहती है तो रिटर्न अधिक मिलेगा, जबकि बाजार में गिरावट आने पर निवेशक को नुकसान भी हो सकता है।
लेकिन लंबी अवधि में भी नुकसान का जोखिम बना रहता है। इसके अलावा, एसआईपी से मिलने वाले रिटर्न पर कैपिटल गेन्स टैक्स भी देना होता है। इसलिए अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए निवेश को थोड़े लंबे समय तक जारी रखना बेहतर और फायदेमंद रहता है।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले या वित्तीय जोखिम लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। हम किसी भी प्रकार के जोखिम के लिए उत्तरदायी नहीं रहेंगे।




