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Sunday, March 15, 2026
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NPS का यह सीक्रेट ऑप्शन आपको बना देगा मालामाल; 60 की उम्र के बाद भी जिएं राजा जैसी जिंदगी!

NPS में 25 की उम्र से ₹12,000 मासिक निवेश कर आप ₹4.10 करोड़ का फंड और ₹1.09 लाख की मासिक पेंशन पा सकते हैं, जो इसे रिटायरमेंट के लिए बेहतरीन विकल्प बनाता है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। रिटायरमेंट शब्द सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल आता है कि बुढ़ापे में खर्च कैसे चलेगा। आज की तेजी से बढ़ती महंगाई के दौर में सिर्फ बचत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समझदारी से निवेश करना जरूरी है। ऐसे समय में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) उन लोगों के लिए बड़ा विकल्प बनकर सामने आता है, जो नौकरी में हैं या स्वरोजगार करते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई 25 साल की उम्र में NPS के Active Choice में प्रति माह ₹12,000 निवेश करना शुरू करे, तो 60 साल की उम्र तक उसका फंड करोड़ों में पहुंच सकता है, जिससे भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है।

NPS और Active Choice क्या है?

NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) एक सरकारी रिटायरमेंट स्कीम है, जिसमें आपका निवेश तीन मुख्य चैनलों इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी बॉन्ड में किया जाता है। यह स्कीम लंबी अवधि में रिटायरमेंट के बाद नियमित आय सुनिश्चित करने का तरीका है।

Active Choice विकल्प में निवेशक खुद तय करता है कि उसका पैसा इन तीनों चैनलों में किस अनुपात में लगाया जाएगा। उदाहरण के लिए, लंबी अवधि के निवेश में इक्विटी का हिस्सा अधिक रखने से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है, जबकि बॉन्ड में निवेश से जोखिम कम रहता है। इस तरह निवेशक अपनी जोखिम सहनशीलता और रिटर्न की उम्मीद के अनुसार पोर्टफोलियो को मैनेज कर सकता है।

NPS में निवेश का अंदाजा: 25 से 60 साल तक

मान लीजिए आप 25 साल की उम्र में NPS में मासिक ₹12,000 निवेश करना शुरू करते हैं और 60 साल की उम्र तक इसे जारी रखते हैं। इस हिसाब से सालाना निवेश होगा ₹12,000 × 12 = ₹1,44,000, और पूरे 35 साल में कुल निवेश बन जाएगा ₹1,44,000 × 35 = ₹50,40,000। यानी करीब 50 लाख रुपए आपकी जेब से निवेश होंगे, जो रिटायरमेंट के समय आपके फंड के आधार को मजबूत करेंगे और लंबी अवधि में इक्विटी और बॉन्ड रिटर्न से यह राशि करोड़ों तक बढ़ सकती है।

NPS निवेश: 60 साल में कुल फंड कितना बन सकता है?

अगर आप अपने NPS निवेश पर औसतन 10% सालाना रिटर्न मान लें (ध्यान रहे, रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है और गारंटी नहीं होती), तो 60 साल की उम्र तक आपका कुल कॉर्पस लगभग ₹4.10 करोड़ तक पहुँच सकता है। यह दिखाता है कि कंपाउंडिंग की असली ताकत कितनी बड़ी होती है-कम उम्र में शुरू किया गया निवेश समय के साथ कई गुना बढ़ जाता है और रिटायरमेंट में आपके लिए बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच बनाता है।

रिटायरमेंट पर मिलेगा ₹2.46 करोड़ टैक्स-फ्री

NPS नियमों के अनुसार, 60 साल की उम्र में आप कुल फंड का 60% हिस्सा एकमुश्त निकाल सकते हैं। यानी अगर आपका कुल फंड ₹4.10 करोड़ है, तो इसका 60% = ₹2.46 करोड़ आपको टैक्स-फ्री मिलेगा। यह राशि आपके लिए बहुत ही उपयोगी साबित हो सकती है-आप इसे घर खरीदने, बिजनेस शुरू करने या सुरक्षित निवेश में लगा सकते हैं और अपनी रिटायरमेंट लाइफ को आरामदायक बना सकते हैं।

हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी?

रिटायरमेंट पर आपके NPS फंड का बाकी 40% हिस्सा (लगभग ₹1.64 करोड़) एन्युटी में निवेश करके हर महीने पेंशन ली जा सकती है। अगर एन्युटी पर सालाना लगभग 8% रिटर्न मान लें, तो सालाना आय ₹1.64 करोड़ × 8% = ₹13.12 लाख होगी, यानी मासिक पेंशन लगभग ₹1,09,000 बनेगी। यानी रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक लाख रुपये से ज्यादा पेंशन संभव है। पूरा गणित देखें तो कुल 35 साल में किए गए निवेश ₹50.40 लाख से अनुमानित कॉर्पस ₹4.10 करोड़ बनता है, जिसमें से 60% यानी ₹2.46 करोड़ एकमुश्त निकासी के लिए और 40% यानी ₹1.64 करोड़ एन्युटी के लिए रखा जाएगा, जिससे अनुमानित मासिक पेंशन ₹1.09 लाख होगी।

कम उम्र में निवेश का बड़ा फायदा

जब आप 25 की उम्र में निवेश शुरू करते हैं, तो आपके पास 35 साल का लंबा समय होता है। यही समय कंपाउंडिंग को सही तरीके से काम करने देता है और छोटा निवेश भी बड़ी राशि में बदल जाता है। अगर निवेश देर से शुरू किया जाए, तो या तो आपको ज्यादा पैसा निवेश करना पड़ेगा या रिटायरमेंट पर कम पेंशन से संतोष करना पड़ेगा।

क्या बिना नौकरी वाला भी कर सकता है निवेश?

हाँ, NPS में निवेश करने के लिए सरकारी या प्राइवेट नौकरी होना जरूरी नहीं है। 18 से 70 साल तक का कोई भी भारतीय नागरिक खाता खोल सकता है। इसलिए फ्रीलांसर, व्यापारी और स्वरोजगार करने वाले लोग भी NPS के जरिए रिटायरमेंट के लिए पेंशन बना सकते हैं।

NPS निवेश में किन बातों का रखें ध्यान?

NPS निवेश करते समय कुछ अहम बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। सबसे पहले, रिटर्न बाजार से जुड़ा है, यानी यह गारंटीड नहीं होता और सालाना बदल सकता है। दूसरी बात, एन्युटी दर समय के अनुसार बदल सकती है, इसलिए पेंशन की राशि में उतार-चढ़ाव संभव है। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण बात, लंबे समय तक लगातार निवेश करना जरूरी है, ताकि कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिल सके और रिटायरमेंट पर अच्छी पेंशन सुनिश्चित हो।

NPS क्यों है खास?

NPS उन लोगों के लिए खास है जिनके पास पारंपरिक पेंशन नहीं है। यह सिर्फ निवेश का विकल्प नहीं, बल्कि रिटायरमेंट सुरक्षा का मजबूत साधन है। NPS के जरिए निवेशक टैक्स में बचत कर सकते हैं, लंबी अवधि में फंड को बड़ा बना सकते हैं, और रिटायरमेंट के बाद नियमित मासिक आय सुनिश्चित कर सकते हैं।

NPS से 100% फंड कब निकाला जा सकता है?

रिटायरमेंट पर – यदि कॉर्पस ₹8 लाख तक हो।

प्रीमैच्योर एग्जिट – यदि कॉर्पस ₹5 लाख तक हो।

सब्सक्राइबर की मृत्यु पर – कोई लिमिट नहीं, पूरा फंड निकाला जा सकता है।

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