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Saturday, March 7, 2026
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Year Ender 2023: इस साल रिकॉर्ड जारी हुए कॉरपोरेट बांड, पिछले साल से 18% अधिक पैसे जुटाए

Record Corporate Bonds: साल 2023 में रिकॉर्ड कॉरपोरेट बांड एवं गैर-परिवर्तनीय ऋण-पत्र जारी हुए। कंपनियों एवं वित्तीय संस्थानों ने दोनों प्रतिभूतियों की मदद से नवंबर तक 8.82 लाख करोड़ रुपए जुटाए।

नई दिल्ली, रफ्तार। साल 2023 में रिकॉर्ड कॉरपोरेट बांड एवं गैर-परिवर्तनीय ऋण-पत्र (एनसीडी) जारी हुए। कंपनियों एवं वित्तीय संस्थानों ने दोनों प्रतिभूतियों की मदद से नवंबर तक 8.82 लाख करोड़ रुपए जुटाए। ऐसे इश्यू में बढ़ोतरी के कारण नियामकीय कारकों के अतिरिक्त एएए रेटिंग वाले बांड और एक साल की सीमांत लागत पर आधारित उधारी दर (एमसीएलआर) में अंतर हो सकता है।

9 लाख करोड़ रुपए के पार होने की संभावना

बाजार के प्रतिभागियों के अनुसार एनसीडी एवं कॉरपोरेट बांड के जरिए जुटाई गई रकम इस साल के आखिर तक 9 लाख करोड़ रुपए के पार निकल सकती है। यह पिछले साल के 7.63 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले करीब 18 फीसदी अधिक होगा। मौजूदा कैलेंडर वर्ष में पांच अग्रणी इश्यू में एचडीएफसी, भारतीय स्टेट बैंक, नाबार्ड, पावर फाइनैंस कॉरपोरेशन और आरईसी का इश्यू शामिल हैं।

एचडीएफसी ने सबसे अधिक रकम जुटाई

प्राइम डेटाबेस की मानें तो एचडीएफसी ने ऋण बाजार से 74,062 करोड़ रुपए जुटाए। सूत्रों के मुताबिक 51,080 करोड़ रुपए के साथ एसबीआई दूसरे स्थान पर रहा। उधर, नाबार्ड ने 48,333 करोड़ रुपए , पीएफसी ने 47,885 करोड़ रुपए और आरईसी ने 39,961 करोड़ रुपए जुटाए हैं।

2024 में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

बाजार के भागीदारों ने कहा कि कॉरपोरेट बांड बाजार ने 2023 में सुदृढ़ता का प्रदर्शन किया। नियामकीय समायोजन, ब्याज दर का अंतर और इश्यू लाने वालों के विशाखन से साल ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा। 2024 के लिए उनका परिदृश्य सतर्कता के साथ आशावादी है।

नवंबर का आंकड़ा इस वित्त वर्ष का तीसरा बड़ा आंकड़ा

अगले साल एचडीएफसी के इश्यू की गैर-मौजूदगी महसूस की जाएगी, लेकिन यह खाई एचडीएफसी बैंक एवं अन्य इकाइयां पाट सकती हैं। खासकर उन कंपनियों की ओर से जो बुनियादी ढांचा एवं हाउसिंग क्षेत्र को पैसे उपलब्ध कराती है। 82,590 करोड़ रुपए के साथ नवंबर का आंकड़ा जून के 1.20 लाख करोड़ रुपए एवं मई के 1.03 लाख करोड़ रुपए के बाद मौजूदा वित्त वर्ष का तीसरा सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा रहा।

रिलायंस ने 20 हजार करोड़ जुटाए

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने नवंबर में 10 वर्षीय बांड के जरिये 7.79 फीसदी ब्याज दर पर 20,000 करोड़ रुपए जुटाए। यह किसी गैर-वित्तीय भारतीय फर्म का सबसे बड़ा बॉन्ड इश्यू रहा। अन्य अहम इश्यू गोस्वामी इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड (शापूरजी पलोनजी समूह की कंपनी) का है। इसने 18.75 फीसदी पर 14,300 करोड़ रुपए जुटाए। इसे केयर ने बीबीबी रेटिंग दी है।

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