नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर आप भी पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं तो जान लें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पर्सनल लोन लेने और देने को लेकर बड़े बदलाव किए हैं। हालांकि यह बदलाव उन लोन धारकों को ज्यादा टेंशन दे रहा है जो मल्टीपल लोन लेते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के नए रूल के मुताबिक लोन प्रोवाइडर्स को क्रेडिट ब्यूरो में लोन की जानकारी 1 महीने की जगह पर 15 दिन के अंदर अंदर अपडेट करनी होगी। इससे लोन प्रोवाइडर्स को लोन देने से पहले ग्राहक के डिफॉल्टर होने या न होने के बार में जानकारी मिल सकेगी।
मल्टीपल लोन लेने वालों को लगेगा झटका
इन नियम के लागू होने से उन लोनधारकों को झटका लगा है जो मल्टीपल लोन लेते हैं। अगर कोई भी लोनधारक मल्टीपल लोन लेता है तो यह जाहिर है कि उनकी EMI देने की तारीख अलग अलग दिन पर होगी। ऐसे में लोन प्रोवाइडर को उस ग्राहक की फाइनेंशियल एक्टिविटी 1 महीने में अपडेट होती थी जिसका समय घटाकर अब 15 दिन कर दिया है। अब 15 दिन के अंतराल पर क्रेडिट ब्यूरो में ग्राहक की आर्थिक गतिविधियों का डाटा दिखने लग जाएगा। कुल मिलाकर अब EMI रिपोर्टिंग में देरी कम होगी और पेमेंट-डिफॉल्ट की सही जानकारी जल्दी मिलेगी।
पर्सनल लोन बन रहा है आर्थिक संकट की वजह
पर्सनल लोन लोगों के लिए बड़ा आर्थिक संकट बनकर उभर रहा है। जब भी कभी आर्थिक संकट आता है तो लोग पर्सनल लोन के सबसे ज्यादा तरजीह देते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि यह आसानी से मिल जाता है और इस लोन को चुकाने की अवधि भी कम होती है। हालांकि इस सुलभता ही आर्थिक संकट का कारण बनती है। लोग मल्टीपल लोन ले लेते हैं जिसे चुकाने में वह असमर्थ हो जाते हैं। लोन न चुका पान के कारण उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता ही जाता है।




