नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । देश के आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में, 1 जून 2020 को रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi Yojna) शुरू की गई, जिससे वे आसानी से छोटे लोन लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) अब और भी मजबूत हुई है। पहले बिना गारंटी 80-90 हजार रुपये तक लोन मिलता था, अब मोदी सरकार के बदलाव से स्ट्रीट वेंडर्स को अपने व्यवसाय को बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का नया अवसर मिलेगा।
योजना की डेटलाइन आगे बढ़ी
केंद्र ने पीएम स्वनिधि योजना की अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से लगभग 1.15 करोड़ रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे व्यापारी लाभान्वित होंगे, जिनमें करीब 50 लाख नए लाभार्थी शामिल हैं।
लोन की सीमा बढ़ाई गई
पहले पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत तीन चरणों में लाभार्थियों को कुल 80 हजार रुपये का लोन मिलता था। अब सरकार ने इस राशि में वृद्धि कर दी है और लाभार्थियों को कुल 90 हजार रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके व्यवसाय को और मजबूती मिलेगी। इसके लिए योजना के माध्यम से पहले चरण में 15,000 रुपये, दूसरे चरण में 25,000 रुपये, तीसरे चरण में 50,000 रुपये इस प्रकार से लोन तीन चरणों में मिलेगा
अब तक कितने लोग हुए लाभांवित?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जुलाई 2025 तक 68 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को 96 लाख से अधिक लोन वितरित किए गए हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 13,797 करोड़ रुपये है। इनमें से 47 लाख से अधिक लाभार्थी डिजिटल भुगतान से जुड़े हुए हैं और उन्होंने अब तक करोड़ों डिजिटल ट्रांजैक्शन किए हैं।
आधार कार्ड से मिलेगा लोन
पीएम स्वनिधि योजना की सबसे खास बात है इसका गारंटी-फ्री लोन। किसी संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं, बस आधार कार्ड के जरिए चरणबद्ध तरीके से आसानी से लोन प्राप्त किया जा सकता है।
स्कीम की और क्या है बाकी सुविधाएं
समय पर लोन चुकाने वाले लाभार्थियों को अब UPI-लिंक्ड रूपे क्रेडिट कार्ड भी मिलेगा। इसके साथ ही छोटे कारोबारियों को डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए 1,600 रुपये तक का डिजिटल कैशबैक भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उनका व्यवसाय और सशक्त बनेगा।
योजना को लेकर सरकार का मकसद
इस योजना के विस्तार का उद्देश्य छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें पूरी तरह आत्मनिर्भर करना है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी छोटे विक्रेता डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जुड़ें और बिना किसी बाधा के वित्तीय सहायता का लाभ उठाएं।





