नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क । आपने सालों तक मेहनत करके हर पैसा जोड़ा ताकि बुढ़ापे में जीवन आराम और सुकून से गुजर सके। लेकिन अचानक जरूरत पड़ जाए और पैसा निकालना मुश्किल लगे-ऐसा सोचकर ही दिमाग में तनाव आ जाता है। अब इस परेशानी को दूर करने के लिए PFRDA ने NPS के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। 2026 में NPS पहले जैसी सख्ती नहीं रही। अब आप 85 साल तक निवेश जारी रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर अपने फंड पर लोन भी ले सकते हैं। यानी पैसा अब सिर्फ आपके लिए है, और फैसले भी पूरी तरह आपके। आइए जानते हैं 10 नए नियम जो आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग को आसान और लचीला बना देंगे।
1. उम्र की कोई सीमा नहीं
अब NPS में एंट्री और एग्जिट की उम्र बढ़ाकर 85 साल कर दी गई है। आप जब चाहें इसमें रह सकते हैं और लॉक-इन पीरियड भी नहीं है। मतलब पैसा आपका, फैसला भी आपका।
2. नॉर्मल एग्जिट के शर्तें
‘ऑल सिटीजन मॉडल’ में 15 साल पूरे होने या 60 साल की उम्र में (जो भी पहले हो) नॉर्मल एग्जिट संभव है। ‘कॉर्पोरेट सेक्टर’ में एग्जिट आपकी रिटायरमेंट की उम्र के अनुसार तय होगी।
3. कितना पैसा मिलेगा और पेंशन कैसे बनेगी
NPS में पैसा निकालने और पेंशन पाने के नियम अब आसान और स्पष्ट हो गए हैं। आम तौर पर आप अपने कुल फंड का 80% हिस्सा एकमुश्त निकाल सकते हैं और बाकी 20% से पेंशन खरीदनी होती है। अगर आपका कुल फंड 8 लाख रुपये तक है, तो आपको पेंशन की मजबूरी नहीं है और आप पूरी राशि एकमुश्त या चाहें तो किस्तों में ले सकते हैं। 8 से 12 लाख रुपये के फंड वाले लोग 6 लाख रुपये तक एकमुश्त निकाल सकते हैं और बाकी राशि को अगले छह सालों में किस्तों में या पेंशन के रूप में प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, 12 लाख रुपये से ज्यादा फंड वाले निवेशकों पर सामान्य नियम लागू होगा, यानी 80% एकमुश्त और 20% पेंशन का फॉर्मूला।
4. समय से पहले पैसा निकालना संभव
Premature Exit में 20% एकमुश्त निकाल सकते हैं। बाकी 80% से पेंशन लेनी जरूरी। अगर कुल फंड 5 लाख से कम है, तो पूरा पैसा निकाल सकते हैं।
5. नॉमिनी के अधिकार
सब्सक्राइबर की मौत पर नॉमिनी को 100% पैसा एकमुश्त निकालने का हक है। चाहें तो पेंशन भी शुरू करवा सकते हैं या किस्तों में ले सकते हैं।
6. 60 की उम्र के बाद निवेश
60 साल पार करने के बाद NPS में कोई लॉक-इन नहीं है। एग्जिट पर 12 लाख से कम फंड पर पूरा पैसा मिलेगा, और ज्यादा होने पर 80–20 फॉर्मूला लागू होगा।
7. रिटायरमेंट के बाद कागजी काम नहीं
अब रिटायरमेंट के बाद स्कीम अपने आप चलती रहेगी। आपको कोई सूचना देने या दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं।
8. NPS फंड पर लोन सुविधा
अब किसी भी रेगुलेटेड बैंक से अपने NPS फंड के आधार पर लोन ले सकते हैं। बैंक आपके योगदान के 25% हिस्से पर लोन देगा। यह सुविधा इमरजेंसी में वरदान है।
9. निकासी की फ्रीक्वेंसी
60 साल से पहले: पूरे सर्विस में 4 बार निकासी, दो निकासी के बीच 4 साल का गैप
60 साल के बाद: कितनी भी बार निकासी, बस दो बार के बीच 3 साल का गैप
10. पैसा निकालने की खास वजहें
PFRDA ने तीन विशेष कारण तय किए हैं जिनके लिए आप अपने योगदान का 25% निकाल सकते हैं, जिससे आप आकस्मिक जरूरतों में भी अपने फंड का फायदा उठा सकें।
NPS अब पहले से कहीं ज्यादा लचीला और आपकी जरूरतों के अनुसार कस्टमाइज हो गया है। चाहे रिटायरमेंट की उम्र बढ़ानी हो, पैसों की तत्काल जरूरत हो या लोन लेना हो, नए नियम आपकी वित्तीय आजादी और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हैं।




