back to top
23.1 C
New Delhi
Monday, March 16, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने 1730 कंपनियों में से 1010 को किया बाहर, अडानी पावर, Yes Bank, Paytm भी शामिल

Collateral List: एनएसई द्वारा 01 अगस्त से कई स्टेज में 1010 कंपनियों को लिस्ट से हटाया जाएगा। इनमें अडानी पावर, यस बैंक, भारत डायनामिक्स, पेटीएम भी शामिल हैं।

नई दिल्ली, रफ्तार। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इंट्राडे और डेरीवेटिव ट्रेडिंग की मार्जिन फंडिंग के लिए बनी कोलेट्रल लिस्ट में शामिल 1730 कंपनियों में से 1010 को बाहर कर दिया है। यह निर्णय 01 अगस्त से लागू होगा। बाहर की गईं कंपनियों में अडानी पावर (Adani Power), यस बैंक (YES Bank), सुजलॉन (Suzlon), भारत डायनामिक्स (Bharat Dynamics) और पेटीएम (Paytm) भी शामिल हैं।

केवल इन कंपनियों को देगा मंजूरी

एनएसई ने सर्कुलर जारी कर बताया है कि इंट्राडे और डेरीवेटिव ट्रेडिंग में मार्जिन फंडिंग के लिए कोलेट्रल के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली सिक्योरिटीज की लिस्टिंग सख्त की जा रही है। एनएसई सिर्फ उन कंपनियों को कोलेट्रल के तौर पर मंजूरी देगा, जिनका पिछले 6 महीनों में न्यूनतम 99 फीसदी दिनों पर कारोबार हुआ है। 01 लाख रुपए के ऑर्डर वैल्यू के लिए 0.1 फीसदी तक की इंपैक्ट कॉस्ट जरूरी है।

मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी क्या है?

‘बाय नाव, पे लेटर’ से मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) की तुलना की जा सकती है। एमटीएफ निवेशकों को कुल ट्रेड वैल्यू के एक हिस्से के लिए शेयर खरीदने की इजाजत देता है। निवेशक थोड़ी राशि लगाते और बाकी का पैसा उन्हें ब्रोकर से ब्याज पर मिलता है। उदाहरण के लिए कोई निवेशक 100 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार कर रही कंपनी के 1000 शेयर खरीदना चाहता है तो उसे 01 लाख रुपए की आवश्यकता होगी। एमटीएफ की मदद से वह केवल 30 हजार रुपए देगा, शेष 70 हजार रुपए उसे ब्रोकर से मिलेगा।

इन कंपनियों के शेयर नहीं रखे जा सकेंगे गिरवी 

इसके बदले में आपको अपने अकाउंट के शेयर या अन्य सिक्योरिटीज गिरवी रखनी होगी, जिन्हें कोलेट्रल माना जाता है। नए सर्कुलर के अनुसार लिस्ट से हटाई गईं 1010 कंपनियों के शेयर कोलेट्रल के तौर पर नहीं रखे जा सकेंगे। इस लिस्ट में भारती हेक्साकॉम, आईआरबी इंफ्रा, एनबीसीसी, गो डिजिट, टाटा इनवेस्टमेंट, आइनॉक्स विंड, जुपिटर वैगन, ज्योति सीएनसी, जेबीएम ऑटो, हैटसन एग्रो, तेजस नेटवर्क जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन्हें कई स्टेज में कोलेट्रल लिस्ट से बाहर किया जाना है।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

प्रहार नाम का मतलब – Prahar Name Meaning

Prahar Name Meaning – प्रहार नाम का मतलब :Attack/वार,...

सैलरी तो बढ़ी लेकिन जेब है खाली…जानिए क्या है लाइफस्टाइल इंफ्लेशन और इससे बचाव के तरीके

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पैसा किसे प्यारा नहीं होता? लोग...

West Bengal Assembly 2026: बिधाननगर सीट पर किसका रहा है पलड़ा भारी, जानिए यहां का सियासी इतिहास

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव मुहाने...

जब देश में है तेल के कुएं का भंडार तो भारत विदेशों से क्यों खरीदता है क्रूड ऑयल?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इस बात में कोई दोराहे नहीं...

LPG, CNG और PNG में क्या होता है अंतर? जानिए रसोई से गाड़ियों तक इन गैसों का काम

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर Iran...

Solo घूमने के लिए भारत की ये बेस्ट जगहें, जहां मिलेगा सुकून

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में ज्यादातर...