नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कांग्रेस पार्टी ने SEBI की अध्यक्ष माधबी बुच पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने SEBI का अध्यक्ष रहते हुए ICICI बैंक से सैलरी ली है। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा है कि वो SEBI की सदस्य थी, तब भी उन्होंने ICICI बैंक से 16.80 लाख तनख्वाह ली। उन्होंने कहा कि यह नियमों का उल्लंघन है। साथ ही उन्होंने रेग्यूलेटरी बॉडी में ट्रांसपेरेंसी रखने के लिए कहा है।
मामले की जांच की मांग कर रही है कांग्रेस
माधबी साल 2017 से SEBI का सदस्य थीं और साल 2022 में इसकी अध्यक्ष बन गईं। कांग्रेस इस मामले में जांच की मांग कर रही है। उन्होंने ICICI बैंक पर भी जांच करने की मांग की है।
SEBI का काम शेयर मार्केट को नियंत्रित करना है
उन्होंने मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर हमला करते हुए कहा है कि SEBI का काम शेयर मार्केट को नियंत्रित करना है जहां पर हम अपने रुपये निवेश करते हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण रोल है। SEBI के अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है। कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमिटी प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की है जिन्होंने SEBI के अध्यक्ष की नियुक्ति की।
किए कई सवाल
उन्होंने कहा कि पीएम से सवाल है कि ACC के सामने क्या ये जानकारी आई थी, क्या बाद में पता चला? और अगर नहीं तो क्या सरकार चला रहे हैं? पीएम से सवाल है की सेबी चीफ के ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले की जानकारी थी?
इससे पहले SEBI ने 10 अगस्त 2024 को हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट पर बयान जारी कर कहा था कि निवेशकों को शांति बनाए रखनी चाहिए। ऐसी रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देने से पहले उस जानकारी का सही से आंकलन कर लेना चाहिए।
बार बार दोहरा रहे थे एक ही सवाल
पवन ने कहा कि हमने इस पर कई बार चर्चा की है। वह बार बार इस बात को दाहरा रहे थे कि सेबी का चेयरपर्सन एक ही जगह से सैलरी क्यों नहीं ले रही थी।





