नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उन पेंशनधारकों को राहत मिलने वाली है जिन्हें हर साल अपनी पेंशन जारी रखने के लिए अपने पूर्व दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। बढ़ती उम्र और शारिरिक स्वास्थ ठीक न होने की स्थिति में यह परेशानी और बढ़ जाती है। हालांकि सरकार ने राहत देते हुए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की शुरुआत की है जिसके जरिए इस समस्या का निदान हो जाएगा। सरकार की इस पहल से पहले ही दिन 1.8 पेंशनधारक जुड़ गए और उन्होंने अपने जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए बनवा लिए।
पहले ही दिन बने 1.8 लाख DLS कार्ड
कैंपेन के पहले ही दिन पेंशन एंड पेंशनर्स डिपार्टेमेंट कल्याण विभाग ने 800 शहरों में चल रहे कैंपेन के जरिए 1.8 लाख जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) बना दिए। यह कैंपेन CGDA, दूरसंचार विभाग (Communication Department), रेलवे और UIDAI और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है। साल 2023-24 के दौरान 6.6 लाख फेशियल स्कैन आधारित DLS पूरे साल के दौरान किए गए पंजीकरण का 10 फीसदी हिस्सा हैं। हालांकि साल 2022-23 के दौरान यह संख्या 2.1 लाख थी। इस फेशियल स्कैन फीचर का इस्तेमाल एंड्राइड के साथ साथ iOS पर किया जा सकता है।
बुजुर्गों के लिए सबसे फायदेमंद साबित हो रहा है कैंपेन
इस कैंपेन का सबसे ज्यादा फायदा उन बुजुर्गों को मिल रहा है जो शारीरिक रूप से चलने फिरने में परेशानी का सामना करते हैं। इस टैक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए अपने मोबाईल के जरिए ही अपने चेहरे को स्कैन करके पेंशनधारक जीवन प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। इसे बनवाने के लिए बैंक या दफ्तर के चक्कर लगाने की जरुरत नहीं होती। UIDAI के फेस रिकग्निशन एप्लीकेशन का उपयोग कर पेंशनभोगियों को डिजिटली सशक्त करना ध्येय है।




