नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आयकर विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार आकलन वर्ष 2023-24 के लिए दो जुलाई तक 1.32 करोड़ से अधिक करदाताओं ने आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किया है।
कुल आईटीआर में से 1.25 करोड़ से अधिक रिटर्न का सत्यापन करदाताओं द्वारा किया गया है। लेकिन कई करदाताओं को आश्चर्य हुआ कि आयकर विभाग ने 2 जुलाई तक केवल 3973 आईटीआर को प्रोसेस किया है।
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करदाताओं को तेजी से प्रक्रिया और रिफंड की वापसी का इंतजार है, ऐसे में कर विशेषज्ञों का कहना है कि यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि इस साल रिफंड कब तक प्रोसेस हो जाएगा।
टैक्स कंसल्टेंसी फर्म आरएसएम इंडिया के संस्थापक डॉ. सुरेश सुराना के मुताबिक, आयकर विभाग अगले कुछ हफ्तों में 31 जुलाई तक भारी भीड़ के लिए आईटीआर फाइलिंग सिस्टम तैयार करने में अपना समय ले रहा है।
डॉ. सुराना ने हाल ही में एफई पीएफ डेस्क को बताया कि पिछले कुछ वर्षों में आईटीआर प्रोसेसिंग सिस्टम बहुत तेज हो गया है और करदाताओं को अभी रिफंड और प्रोसेसिंग टाइम के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए।
क्लियर के सीईओ अर्चित गुप्ता ने कहा कि जल्दी रिटर्न फाइल करने वालों को आमतौर पर जल्दी रिफंड मिल जाता है। इसलिए, न केवल रिफंड की तेजी से प्रोसेसिंग के लिए, बल्कि अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए भी जल्दी रिटर्न दाखिल करना हमेशा बेहतर होता है।
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गुप्ता के अनुसार, नियत तारीख से पहले पिछले कुछ दिनों के दौरान, भारी भीड़ के कारण प्रसंस्करण में अधिक समय लगता है।
उन्होंने कहा, ‘यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि रिफंड को कितने समय में प्रोसेस किया जा सकता है, हालांकि, लोगों को पिछले साल आईटीआर फाइल करने के एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर रिफंड मिल गया है। आमतौर पर जो लोग जल्दी रिफंड फाइल करते हैं, उन्हें जल्दी रिफंड मिल जाता है, जुलाई के आखिरी दिनों में फाइलिंग की भारी भीड़ होती है और तब रिफंड प्राप्त करने में अधिक समय लगता है।
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