नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नौकरी के सेक्टर में एक नई हलचल पैदा कर रहा है। जहां यह कई पारंपरिक रोजगारों को खत्म कर रहा है। वहीं, कई क्षेत्रों में नई स्किल्स और प्रोफेशनल्स के लिए अवसर भी बना रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि, भविष्य की नौकरियों का स्वरूप AI ही तय करेगा। कौन टिकेगा और कौन पिछड़ जाएगा। यही बदलाव बाजार को और चुनौतीपूर्ण व रोचक बना रहा है।
इस बीच, AI को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें नौकरी के कई सेक्टर में एआई चिंता पैदा कर रहा है। स्टैनफोर्ड के एक नए अध्ययन से इस बात का पता चला है कि, AI का सबसे ज्यादा असर युवा कर्मचारियों पर पड़ रहा है। एक रिसर्च रिपोर्ट में सामने आया है कि अब तक ChatGPT जैसे जनरेटिव AI टूल कोडिंग और AI से जुड़े अन्य क्षेत्रों में एंट्री लेवल जॉब्स को छीन रहे हैं।
इन लोगों पर बढ़ा खतरा
इकोनॉमिस्ट एरिक ब्रिन्जॉल्फसन (Erik Brynjolfsson), रुइयु चेन (Ruyu Chen ) और भरत चंदर (Bharat Chandar ) के अध्ययन में 2022 के अंत, जब ChatGPT लॉन्च हुआ, से लेकर 2025 के मध्य तक अमेरिका के लाखों कर्मचारियों के एडीपी पेरोल डेटा का विश्लेषण किया गया।
नई जॉब के अवसरों में भारी कमी
निष्कर्षों से पता चलता है कि, इस अवधि में एआई ने रोजगार बाजार की दिशा व संरचना पर गहरा असर डाला। भले ही अमेरिका में रोजगार मजबूत बना हुआ है, लेकिन जनरेटिव AI के कारण सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट और कस्टमर सर्विस जैसे इंडस्ट्री में 22 से 25 साल की आयु के कर्मचारियों के लिए नई जॉब के अवसरों में भारी गिरावट आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती स्तर के कोडर्स और बडिंग डेवलपर्स सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहे हैं। जिन कार्यों के जरिए वे अनुभव हासिल करते थे, जैसे कोड लिखना या डिबगिंग, अब एआई सिस्टम पलक झपकते पूरा कर रहे हैं। नतीजतन, एंट्री-लेवल अवसर तेजी से सिमटते दिख रहे हैं और टेक सेक्टर की संरचना बदल रही है।
आंकड़ों के अनुसार, 2022 से एआई के असर वाले सेक्टर्स में युवा कर्मचारियों के रोजगार में करीब 16% की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे बड़ा आघात सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्षेत्र को लगा है, जहां एंट्री-लेवल अवसर तेजी से घटे हैं।
कुछ मामलों में रोजगार के स्तर पर वृद्धि
वहीं दूसरी ओर, इन्हीं क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर अपेक्षाकृत सुरक्षित नजर आए हैं। कुछ मामलों में उनके रोजगार स्तर में हल्की बढ़ोतरी भी दर्ज हुई है। शोधकर्ताओं के अनुसार, युवा और अनुभवी लोगों पर अलग-अलग प्रभाव ‘किताबी ज्ञान’ और ‘अव्यक्त ज्ञान’ के बीच के अंतर के कारण है।




