नई दिल्ली, रफ्तार। आपके पैसों को सुरक्षित रखने के साथ एटीएम कार्ड कई सुविधाएं देता है। यह आपको फ्री इंश्योरेंस कवर भी देता है, जिसमें कोई प्रीमियम भी नहीं देना होता है। इनमें दुर्घटना एवं जीवन बीमा शामिल हैं। इसके बारे में कई एटीएम कार्डधारकों को जानकारी ही नहीं होती है। इस कारण वह इंश्योरेंस कवर का फायदा नहीं उठा पाते हैं। बता दें बैंक से जैसे ही आपको एटीएम कार्ड जारी करता है, वैसे ही आपको एक्सीडेंटल इंश्योरेंस और असमय मौत का इंश्योरेंस कवर मिल जाता है। किसी भी बैंक के एटीएम कार्ड का 45 दिनों तक इस्तेमाल किए हैं तो आपको फ्री इंश्योरेंस सुविधा मिलती है। सभी बैंक डेबिट कार्ड पर अलग-अलग राशि का इंश्योरेंस कवर देते हैं।
3 करोड़ तक का फ्री एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवरेज
HDFC Bank, ICICI Bank, कोटक महिंद्रा समेत कई बैंकों की इंश्योरेंस कवर की राशि कार्ड कैटेगरी के आधार पर तय होती है। कुछ डेबिट कार्ड पर 3 करोड़ तक का फ्री एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवरेज मिलता है। इसमें बैंक द्वारा कोई अन्य डॉक्यूमेंट भी नहीं मांगा जाता है। इंश्योरेंस का फायदा तब मिलता है, जब एटीएम कार्डधारक निर्धारित अवधि के अंदर उस डेबिट कार्ड के जरिए कुछ ट्रांसजेक्शन कर लेते हैं। यह अवधि अलग-अलग कार्ड के लिए अलग हो सकती है। कुछ एटीएम पर इंश्योरेंस पॉलिसी एक्टिवेट करने को कार्ड होल्डर को 30 दिनों में कम-से-कम एक बार ट्रांसजेक्शन करना जरूरी होता है।
अलग-अलग कार्ड पर मिलता है अलग-अलग कवरेज
कुछ कार्ड होल्डर को इंश्योरेंस कवरेज एक्टिवेट करने के लिए बीते 90 दिनों के भीतर एक बार ट्रांसजेक्शन करना होगा। ग्राहकों को क्लासिक कार्ड पर 01 लाख रुपए का कवरेज मिलता है। प्लेटिनम कार्ड पर 02 लाख रुपए, सामान्य मास्टर कार्ड पर 50 हजार रुपए का इंश्योरेंस कवरेज दिया जाता है। प्लेटिनम कार्ड पर 05 लाख रुपए और वीजा कार्ड पर 1.5 लाख से 02 लाख रुपए तक का इंश्योरेंस कवरेज मिलता है।
जन-धन खाताधारकों को भी लाभ
जो खाते प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खुले हैं, उनके एटीएम कार्ड के साथ ग्राहकों को 01 से 02 लाख रुपए का इंश्योरेंस कवरेज दिया जाता है। अगर एटीएम कार्डधारक दुर्घटना का शिकार होता है और उसमें वह दिव्यांग हो जाता है तो उसे 50 हजार रुपए का कवरेज मिलता है।
क्लेम करने का प्रोसेस
आप इंश्योरेंस क्लेम करना चाहते हैं तो अपने बैंक में सबसे पहले जानकारी देनी होगी कि आप इसे क्लेम करना चाहते हैं। इसके बाद कार्डहोल्डर के नॉमिनी को संबंधित बैंक में जाकर आवेदन करना है। आपको बैंक में एफआईआर की कॉपी, अस्पताल में इलाज के कागजात जमा करने पर बीमा का क्लेम मिलता है। मौत होने की स्थिति में कार्डहोल्डर के नॉमिनी को एफआईआर की कॉपी, मृत्यु प्रमाण-पत्र, आश्रित का प्रमाण-पत्र, जैसे दस्तावेजों को जमा करना होता है।
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