Health Insurance: माता-पिता के इंश्योरेंस की चिंता करें दूर, IRDAI ने दिया खास गिफ्ट

Health Insurance New Rules: माता-पिता के इंश्यारेंस कराने से पहले लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं। खासकर कौन कंपनी नई बीमा देगी और उसमें क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी।
स्वास्थ्य बीमा।
स्वास्थ्य बीमा। रफ्तार।

नई दिल्ली, रफ्तार। हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट पर उम्र सीमा की लिमिट हटा दी गई है। इंश्योरेंस रेगुलेटर इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने वालों के लिए 65 वर्ष की आयु सीमा खत्म की है। इसके पीछे IRDAI का लक्ष्य एक अधिक समावेशी और सुलभ हेल्थकेयर इकोसिस्टम को बढ़ाना है, जो हमें अचानक से होने वाले मेडिकल खर्चों से बचाता है।

किसी भी उम्र में खरीद सकते हैं पॉलिसी

पहले सिर्फ 65 की उम्र तक नई बीमा पॉलिसी खरीदने का नियम था। एक अप्रैल 2024 से नया नियम प्रभावी है। अब कोई भी इंसान किसी भी उम्र में नई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद सकता है। IRDAI ने कहा कि बीमा करने वाली कंपनियों को सुनिश्चित करना होगा कि वे ऑल एज ग्रुप को पूरा करने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट पेश करें। बीमाकर्ता विशेष रूप से सीनियर सिटीजन, छात्रों, बच्चों, मातृत्व और कंपीटेंट अथॉरिटी द्वारा स्पेसिफाइड किसी अन्य ग्रुप के लिए प्रोडक्ट डिजाइन कर सकते हैं। इतना ही नहीं बीमाकर्ताओं को पहले से किसी प्रकार की मेडिकल कंडीशन वाले लोगों को हेल्थ पॉलिसी उपलब्ध कराने का आदेश दिया।

किस्तों में जमा कर सकते हैं प्रीमियम

इसके परिणामस्वरूप बीमाकर्ताओं को कैंसर, हृदय, गुर्दे और एड्स जैसी गंभीर मेडिकल कंडीशन वाले लोगों को पॉलिसी जारी करने से इनकार करने से रोका जाता है। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक बीमाकर्ताओं को पॉलिसी होल्डर्स की सुविधा के लिए किस्तों में प्रीमियम भुगतान ऑफर करने की मंजूरी है।

क्लेम को लेकर क्या नियम?

नोटिफिकेशन में बताया गया है कि ट्रैवल पॉलिसीज सिर्फ जनरल और हेल्थ बीमाकर्ता पेश कर सकते हैं। आयुष उपचार कवरेज पर सीमा नहीं है। इसमें बताया कि आयुर्वेद, योग, न्यूरोपैथी, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसे सिस्टम के तहत इलाज को बिना किसी सीमा के बीमा राशि तक कवरेज मिल जाएगा। कहा है कि बेनिफिट्स-बेस्ड पॉलिसीज वाले पॉलिसीधारक फ्लेक्सिबिलिटी और ऑप्शन को बढ़ाते हुए बीमाकर्ताओं के साथ कई क्लेम फाइल कर सकते हैं। प्रस्तावित रेगुलेशन एक विशेष चैनल के जरिए वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों और क्लेम को हैंडल का प्रयास करता है, जिससे उनकी जरूरतों के लिए अधिक अनुरूप और रिस्पॉन्सिव अप्रोच सुनिश्चित किया जा सके।

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