नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। ओला-उबर एक ऐसा नाम बन चुका है जो दिल्ली मुंबई जैसे मैट्रोपोलिटन शहर ही नहीं बल्कि देश के तमाम हिस्सों तक पहुंच चुका है। बढ़ती लोकप्रियता का फायदा उठाते हुए कंपनी कई बार अपनी पॉलीसी में फेरबदल करती रहती है। अब सोशल मीडिया पर एक ऐसा दावा किया जा रहा है जो कैब यात्रियों को लिए बेहद अहम है। सोशल मीडिया में ऋषभ सिंह ने दावा किया एक ही कंपनी से अगर दो अलग अलग फोन से कैब बुक की जाती है तो अलग अलग फेयर देखने को मिलता है। इस दावे के बाद केंद्र सरकार ने ओला उबर को नोटिस जारी किया है।
एंड्राइड और iOS में अलग अलग कैब फेयर
दिल्ली के टेक एक्सपर्ट्स ऋषभ सिंह ने दावा किया उन्होंने एक स्टडी की है जिसमें उन्होंने 2-2 एंड्राइड और आईओएस फोन के जोडे को रखा। 2 एंड्राइड 2 आईओएस। चारो मोबाईल से कैब बुक की गई। चारो फोनों में एक ही जगह और दूरी के लिए अलग अलग फेयर दिखाया गया। एंड्राइड के मुकाबले आईओएस में रेट ज्यादा दिखाई दिए। जबकि दोनों एंड्राइड फोन में भी रेटों में अंतर आया। अंतर यह था कि जिस फोन की बैटरी कम थी उसमें ज्यादा पैसे दिखाए गए जबकि जिस फोन की बैटरी ज्यादा थी उसमें कम रेट आए। संभंवत: ऐसा अनुमान जताया गया कि कंपनी का यह मानना हो सकता है कि जिन फोन में बैटरी कम है वह जल्दबाजी में हो सकते हैं जिससे वह ऊंचे दाम पर भी कैब बुक कर सकते हैं।
केंद्र सरकार ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा
इस मामले पर केंद्र सरकार सख्त नजर आ रही है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि CCPA को ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफार्मों की “अनुचित व्यापार व्यवहार” और उपभोक्ताओं के पारदर्शिता के अधिकार के लिए “घोर उपेक्षा” के लिए जांच करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं का शोषण नहीं किए जाने को लेकर केंद्र सरकार जीरो टोलरेंस की नीति रखती है। लिहाजा CCPA को नोटिस जारी किया गया है।





