नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन और सबसे अधिक उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो (IndiGo) पर सरकार ने बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। यात्रियों को हुई असुविधा और हाल ही में हजारों फ्लाइट्स रद्द करने की भारी कीमत अब एयरलाइन को चुकानी पड़ेगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सीधे तौर पर इंडिगो की उड़ानों में कटौती का आदेश जारी कर दिया है।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि इंडिगो के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 5% की कटौती की जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि एयरलाइन से रोजाना करीब 110 उड़ानें छीनी जाएंगी, जिन्हें अन्य एयरलाइन ऑपरेटर्स को आवंटित किया जाएगा। सरकार के इस कदम को पूरे विमानन उद्योग में एक ‘मिसाल’ के रूप में देखा जा रहा है।
एक्शन मोड में DGCA: 2200 में से 110 फ्लाइट्स होंगी कम
मंत्री नायडू ने सरकारी समाचार चैनल से बात करते हुए कहा, हम इंडिगो के मार्ग को कम करेंगे। वे अभी 2,200 उड़ानें संचालित कर रहे हैं। हम उन्हें निश्चित रूप से कम करेंगे।यह कार्रवाई तब हुई है, जब 5 दिसंबर को इंडिगो की 100 से अधिक सेवाएं प्रभावित हुई थीं, जिससे लाखों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे और भारी अव्यवस्था फैल गई। इसके बाद DGCA ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
745 करोड़ का मुआवजा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। मंत्री नायडू ने बताया कि 1 से 8 दिसंबर तक रद्द किए गए 7,30,655 PNR के लिए अब तक 745 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। इसके अलावा, खोए हुए 9,000 बैगों में से 6,000 लौटाए जा चुके हैं, और बाकी बैग जल्द ही यात्रियों तक पहुंचा दिए जाएंगे।
इंडिगो ने मांगा समय: बाजार में हिस्सेदारी पर असर
सरकार के इस बड़े एक्शन के बाद इंडिगो के शेयर पहले ही धड़ाम हो चुके हैं। उड़ानों में कटौती से एयरलाइन की बाजार हिस्सेदारी पर और भी बुरा असर पड़ना तय है। इंडिगो ने अपनी सफाई में कहा कि, तकनीकी खराबियां, खराब मौसम, हवाई यातायात पर बढ़ी भीड़ और नए क्रू ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL फेज-2) जैसी बाहरी परिस्थितियों के कारण उन्हें उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। एयरलाइन ने DGCA के मैनुअल का हवाला देते हुए स्थिति को सामान्य करने के लिए 15 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा है।
सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर इंडिगो का रवैया नहीं सुधरा, तो यह कार्रवाई और भी कड़ी हो सकती है। यह स्पष्ट संदेश है कि यात्रियों को होने वाली असुविधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





