नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हाल ही में क्रिकेट के अलावा एक कानूनी मसले को लेकर भी चर्चा में हैं। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होने से पहले कोहली गुरुग्राम तहसील पहुंचे और अपने बड़े भाई विकास कोहली के नाम एक जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) साइन की। अब लोगों के मन में सवाल है क्या इसका मतलब यह है कि विराट की प्रॉपर्टी अब उनके भाई की हो गई।
क्या होती है जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी?
जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी या GPA एक कानूनी दस्तावेज होता है जिसके जरिए कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी ओर से कानूनी या वित्तीय काम करने का अधिकार देता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति विदेश में है या किसी कारण खुद मौजूद नहीं हो सकता, तो वह अपने भरोसेमंद व्यक्ति को यह अधिकार दे सकता है कि वह उसकी ओर से दस्तावेजों पर साइन करे, टैक्स भरे या संपत्ति से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाए।
क्या GPA से बदल जाता है प्रॉपर्टी का मालिकाना हक?
यह सबसे बड़ी गलतफहमी है जिसे दूर करना जरूरी है। GPA से किसी भी संपत्ति का मालिकाना हक नहीं बदलता। यानि अगर विराट कोहली ने अपने भाई को GPA दी है, तो इसका मतलब यह नहीं कि प्रॉपर्टी अब विकास कोहली की हो गई। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि अब विकास कोहली, विराट की ओर से उस संपत्ति से जुड़े कानूनी, टैक्स या प्रशासनिक कार्य कर सकते हैं। जैसे किरायेदारों से बात करना, टैक्स भरना या किसी सरकारी प्रक्रिया को पूरा करना।
कब बदलता है असली मालिकाना हक?
अगर किसी को वास्तव में अपनी प्रॉपर्टी ट्रांसफर करनी हो, तो इसके लिए जरूरी है कि रजिस्टर्ड सेल डीड बनाई जाए। सिर्फ सेल डीड ही वह दस्तावेज है जो संपत्ति का असली स्वामित्व बदलता है। GPA केवल अधिकार देता है, मालिकाना हक नहीं बदलता।
क्यों जरूरी होती है GPA?
GPA बहुत काम की चीज होती है, खासकर उन लोगों के लिए जो विदेश में रहते हैं (NRI) बीमार हैं या यात्रा में रहते हैं या जिनके पास कानूनी और वित्तीय काम खुद करने का समय नहीं है। उदाहरण के तौर पर, NRI अक्सर भारत में अपनी संपत्ति का प्रबंधन करने के लिए अपने किसी रिश्तेदार या एजेंट को GPA देकर अधिकार देते हैं इससे उनके गैरमौजूदगी में भी सभी कामकाज सही ढंग से चलते रहते हैं विराट की प्रॉपर्टी अब भी उन्हीं की है विराट कोहली का यह कदम केवल कानूनी सुविधा के तौर पर लिया गया है। उन्होंने अपने भाई को सिर्फ कुछ अधिकार दिए हैं ताकि उनकी ओर से जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर या सरकारी काम पूरे किए जा सकें। प्रॉपर्टी का मालिकाना हक अब भी विराट कोहली के पास ही है।




