नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। डिजिटल पेमेंट्स ने भारत में लेन-देन को तेज, सस्ता और आसान बना दिया है, लेकिन सुरक्षा पूरी तरह आपकी जिम्मेदारी है। गलत अकाउंट में पैसा ट्रांसफर होना, फ्रॉड या तकनीकी गड़बड़ी जैसी समस्याएं बढ़ती डिजिटल दुनिया का हिस्सा हैं। ऐसे में सही जानकारी और समय पर शिकायत दर्ज करना जरूरी है, ताकि आप अपना पैसा वापस पा सकें और फ्रॉड से बचें। भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI अब सबसे भरोसेमंद डिजिटल भुगतान माध्यम बन चुका है। देश में लगभग 85% डिजिटल लेन-देन UPI के जरिए होते हैं और वैश्विक स्तर पर यह रीयल-टाइम पेमेंट में सबसे बड़ा सिस्टम है।
पैसा गलत UPI ID में चला गया तो वापस पाने का उपाय
अगर आपका पैसा गलत UPI ID में चला गया, ट्रांजेक्शन असफल हुआ या फ्रॉड हुआ, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे आसान तरीका है सीधे उस ऐप (गूगल पे, फोनपे, पेटीएम, भीम आदि) से शिकायत दर्ज करना। ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में संबंधित लेन-देन चुनें और समस्या की रिपोर्ट करें या शिकायत दर्ज करें में समस्या दर्ज करें। अधिकांश मामलों में बैंक या ऐप 3-5 दिन में जांच शुरू कर देते हैं।
NPCI के माध्यम से शिकायत दर्ज करें
यदि ऐप से समाधान न मिले तो बैंक की कस्टमर केयर हेल्पलाइन या ब्रांच में जाकर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप में Raise Complaint सेक्शन में ट्रांजेक्शन आईडी (UTR), राशि, तारीख और अन्य प्रमाण दर्ज करना जरूरी है। इसके अलावा NPCI की वेबसाइट (npci.org.in) पर जाकर “विवाद निवारण तंत्र” के तहत शिकायत दर्ज की जा सकती है। यहां ट्रांजेक्शन डिटेल्स, UPI ID, राशि, तारीख और ईमेल भरकर कंप्लेंट रेफरेंस नंबर (CRN) प्राप्त किया जा सकता है, जिससे स्टेटस ट्रैक करना आसान होता है।
30 दिन में समाधान न मिलने पर RBI से मदद लें
अगर 30 दिन में समाधान नहीं मिलता, तो भारतीय रिजर्व बैंक की कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (cms.rbi.org.in) पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। यह RBI का मुफ्त इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम है।
सुरक्षित और स्मार्ट डिजिटल लेन-देन
यूपीआई फ्रॉड से बचाव के लिए कुछ जरूरी टिप्स हैं अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें, ‘Collect Request’ में रिसीवर का नाम और यूपीआई आईडी जांचें, और हमेशा आधिकारिकऐप स्टोर/गूगल प्ले से ही ऐप डाउनलोड करें। सार्वजनिक वाईफ़ाई पर ट्रांजेक्शन करने से बचें और नियमित रूप से अपनी ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक करते रहें।सावधानी और सही प्रक्रिया अपनाकर आप डिजिटल पेमेंट्स में सुरक्षित रह सकते हैं और अपने पैसों को सुरक्षित रख सकते हैं।





