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Wednesday, March 18, 2026
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सावधान! लोन चुकाने में मत कर देना ये गलती, कई सालों के लिए Cibil हो सकता है खराब

किसी भी लोन को डिफॉल्ट करने का असर आपके सिबिल स्कोर पर दिखता है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । कई लोग बैंक से लोन लेते हैं, और वो इस लोन के आसान और हल्के समझते है। EMI मिस कर देना या भुगतान में देरी करना ये मामूली बात आपके सिबिल स्कोर पर असर डाल सकती है। अगर आप लोन के साथ ऐसा खिलवाड़ करते हैं तो इसका नतीजा नकुसान दायक हो सकता है। लिहाजा आपका सिबिल स्कोर खराब हो जाता है। किसी भी लोन को डिफॉल्ट करने का असर आपके सिबिल स्कोर पर दिखता है। इसका असर कई दिनों या महीनों तक कई सालों तक होता है। 

कितने दिन तक रहता है डिफॉल्ट का असर?

अगर आपने कोई लोन लिया है और उसे समय के रहते हुए चुकता नहीं किया तो इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर अगले करीब 7 सालों तक दिख सकता है। भारत में TransUnion CIBIL, CRIF High Mark, Equifax और Experian जैसे क्रेडिट ब्यूरो आपके क्रेडिट इंफॉर्मेशन को मैनेज करती हैं, जो आपके इस तरह के डिफॉल्ट की जानकारी को करीब 7 सालों तक अपने सिस्टम में रखती हैं।

…तो क्या 7 साल तक नहीं मिलेगा दूसरा लोन?

ऐसा नहीं है कि एक बार लोन के भुगतान में देरी या किसी कारण से चुका नहीं पाए तो आपको फिर कभी लोन नहीं मिलेगा। हालांकि, जब-जब आप किसी बैंक में लोन के लिए अप्लाई करेंगे तो उसे हर बार आपकी ये लोन डिफॉल्ट करने वाली जानकारी दिखेगी। वहीं, इसका असर आपके सिबिल पर 7 सालों तक रहेगा, यानी आपका सिबिल 7 सालों तक बेस्ट नहीं हो पाएगा। 

एक बार सिबिल को भी समझ लीजिए

सिबिल स्कोर (Cibil Score) या क्रेडिट स्‍कोर (Credit Score) एक प्रकार से आपका बैंक का रिपोर्ट कार्ड जैसा होता है, जो बताता है कि पहले के लोन में आपकी रीपेमेंट हिस्‍ट्री कैसी रही है। वैसे तो यह स्कोर 300 से 900 के बीच रहता है, लेकिन 750 तक या इससे ऊपर के सिबिल स्कोर बेहतर माना जाता है। 

क्या करें इस नुकसान को कम करने के लिए?

बैंक लोन से सिबिल स्कोर को होने वाले नुकसान को कम करना है तो आपको कुछ बातों को फॉलो करना होगा। इससे आपका सिबिल धीरे-धीरे बेहतर होने लगेगा। आइए जानते हैं ऐसी ही 7 बातें.

1. समय पर भुगतान करें

जितना जल्दी हो सके समय पर राशि का भुगतान करें। इससे भविष्य की छवि खराब होने से बची जा सकती है। 

2. नो ड्यूज सर्टिफिकेट लें

भुगतान के बाद बैंक या फाइनेंशियल संस्था से ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’(‘No Dues Certificate’) लेना ना भूलें।

3. क्रेडिट रिपोर्ट जांचें

अपनी रिपोर्ट समय-समय पर जांच करते रहे। और गलती पाए जाने पर उसमें सुधार करें। 

4. विवाद सुलझाएं

अगर कोई गलती हो तो तुरंत क्रेडिट ब्यूरो में शिकायत दर्ज करें और जरूरी दस्तावेज जमा करें।

5. अचानक कई लोन के लिए आवेदन न करें

ज्यादा बार आवेदन करने से क्रेडिट स्कोर और गिर सकता है। ऐसे में आप ज्यादा बार आवेदन न करें। 

6. छोटे लोन समय पर चुकाएं

सेक्योर क्रेडिट कार्ड या छोटे कंज्यूमर लोन लेकर समय के रहते हुए चुकाए या समय पर भुगतान करें। ताकि अच्छा रिकॉर्ड बने।

7. संतुलित उधारी रखें

सिक्योर और अनसिक्योर दोनों तरह की उधारी का अच्छा संतुलन रखें।

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