नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एक ऐसा कार्यक्षेत्र हैं जो मौजूदा समय में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। AI ओपन चैट बॉक्स की बात करें तो सबसे ज्यादा चर्चित OpenAI का ChatGPT था जिसके दिन फिरने वाले हैं। चीन ने हाल ही में DeepSeek R-1 नाम का एक नया ओपन चैट बॉक्स लॉन्च किया है जो बहुत तेजी से चैट जीपीटी को पीछे छोड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। इस कंपनी से साइज की बात करें तो ओपन एआई में कर्मचारियों की संख्या करीब 4000 है जबकि डीपसीक में केवल 200 कर्मचारी काम करते हैं। चीन के इस कदम ने अमेरिका को टेंशन में डाल दिया है।
क्या है चीन का DeepSeek R-1?
DeepSeek R-1 एक लॉन्ग लैंग्वेज मॉडल है जो वैश्विक बाजार में ChatGPT का विकल्प बनकर बाजार में उतरा है। इसके जरिए मैथ्स, कोडिंग और जनरल नॉलेज जैसे कामों को आसानी से किया जा सकता है। इसे ओपन एआई के चैट बोट से ज्यादा किफयाती माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि चैटबोट में अधिकतर फीचर्स पेड हैं जबकि DeepSeek R-1 पूरी तरह से फ्री है। यह अमेरिका के ऐपल ऐप स्टोर पर मोस्ट डाउनलोडेड की लिस्ट में टॉप पर आ गया है इसलिए अभी कंपनी पर मलेशियन साइबर अटैक हुआ है जिसकी वजह से कंपनी ने नए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को रोक दिया है।
अमेरिका को लगी कई बिलियन डॉलर्स की चपत
चीन के इस कदम को अमेरिका के लिए आर्थिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है। दो दिन में ही इससे अमेरिका को करोड़ो रूपये की चपत लग चुकी है। सोमवार को शेयर बाजार में एआई के क्षेत्र में सबसे अहम कंपनियों में से एक एनवीडिया के शेयर 14 प्रतिशत तक टूट गए। इसके चलते 500 बिलियन डॉलर्स का नुकसान हो चुका है। अमेरिका और यूरोप की कई टैकनीकल कंपनियों को भी झटका लगा है क्योंकि अफोर्डेबल होने की वजह से यूजर्स डीपसीक की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं।




