back to top
27.1 C
New Delhi
Thursday, March 26, 2026
[test_ok] [pincode_search_ui]
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

किसानों को मुफ्त में तिलहन के बीज बांटेगी केंद्र सरकार, 204 जिलों के किसानों को फायदा

नई दिल्ली, 31 मई (हि.स.)। केंद्र सरकार ने इस साल के खरीफ फसल के दौरान तिलहन उत्पादक किसानों को बड़ी राहत पहुंचाते हुए मुफ्त में तिलहन के उत्तम गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने का फैसला किया है। घरेलू बाजार में खाद्य तेल और तिलहन की कीमत में आई जोरदार तेजी के बीच केंद्र सरकार की इस पहल से तिलहन के घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद की जा रही है। तिलहन उत्पादक किसानों का चयन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में शामिल किसानों की सूची के आधार पर किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने अप्रैल के महीने में ही राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों से एक बैठक में किसानों को मुफ्त में तिलहन के उत्तम गुणवत्ता वाले बीज दिए जाने की योजना के संबंध में चर्चा की थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने की थी। बैठक में हुई चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने जुलाई के महीने से खरीफ फसल के साथ होने वाले तिलहन के बीजों को मुफ्त में किसानों के बीच बांटने का फैसला लिया था। पहले चरण में देश के 204 जिलों के किसानों को मुफ्त में तिलहन के बीज दिए जाएंगे। बताया जा रहा है कि तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार प्रायोगिक तौर पर इस साल मुख्य रूप से सोयाबीन और मूंगफली के ही उच्च गुणवत्ता वाले बीज का वितरण करेगी। इसके लिए सोयाबीन के करीब आठ लाख मिनी किट किसानों के बीच बांटे जाएंगे। वहीं मूंगफली उत्पादक किसानों के बीच मूंगफली के 74 हजार मिनी किट का वितरण किया जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के 114 जिलों में 180.03 करोड़ रुपये की लागत से सोयाबीन के उत्तम गुणवत्ता वाले बीज बांटे जाएंगे। इन बीजों से करीब 5.37 लाख हेक्टेयर खेत में सोयाबीन की तिलहन के रूप में बुवाई की जाएगी। इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तेलंगाना के 90 अन्य जिलों में मूंगफली और सोयाबीन के उत्तम गुणवत्ता वाले बीज बांटे जाएंगे, जिनसे करीब 10.06 लाख हेक्टेयर खेत में तिलहन की बुवाई हो सकेगी। ज्ञातव्य है कि भारत में खाद्य तेल की जरूरत को पूरा करने के लिए भी हर साल बड़ी मात्रा में खाद्य तेल का आयात करना पड़ता है। देश में खाद्य तेल का सालाना घरेलू उत्पादन 80 लाख टन से लेकर 1.10 करोड़ टन के बीच होता है। जबकि देश में खाद्य तेलों की सालाना मांग करीब 2.4 करोड़ टन है। इस तरह भारत को अपनी जरूरत का 40 फीसदी खाद्य तेल ही घरेलू उत्पादन से मिल पाता है, जबकि 60 फीसदी खाद्य तेल का आयात करना पड़ता है। पिछले कुछ महीनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेल की कीमत में काफी तेजी आई है। इसकी वजह से भारत में भी खाद्य तेलों की कीमत में काफी उछाल आ गया है। यही कारण है कि केंद्र सरकार की कोशिश तिलहन के उत्पादन को बढ़ाने की है, ताकि खाद्य तेल के लिए आयात पर निर्भरता को कम किया जा सके। इस कोशिश में कृषि मंत्रालय किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजना पर काम कर रहा है। तिलहन के उत्तम गुणवत्ता वाले बीजों का मुफ्त में वितरण करना भी ऐसी ही एक योजना का हिस्सा है। हिन्दुस्थान समाचार/योगिता / प्रभात ओझा

Advertisementspot_img

Also Read:

दिल्ली में जिलों की संख्या 11 से बढ़कर 13 हुई, सरकारी सेवाएं व प्रशासनिक काम-काज पर बड़ा असर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली में शासन-प्रशासन का ढांचा बदलने जा रहा है। राजधानी की बढ़ती आबादी, बढ़ते प्रशासनिक बोझ और तेजी से बदलते शहरी...
spot_img

Latest Stories

विएन नाम का मतलब-Vien Name Meaning

Meaning of Vien / विएन नाम का मतलब: Complete/पूर्ण Origin...

28 या 29 मार्च कब रखा जाएगा कामदा एकादशी का व्रत? जानें सही तारीख और पूजा विधि

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत...

Free Legal Aid: मुफ्त में मिलेगा वकील और कानूनी मदद, जानिए कैसे उठाएं इस सरकारी सुविधा का फायदा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। न्याय का अधिकार हर किसी व्यक्ति...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵