नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका की दिग्गज कंपनी बर्गर किंग (Burger King) को भारत में बड़ा झटका लगा है। इस कंपनी ने 13 साल पहले एक रेस्टोरेंट पर ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अब उस मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। जिसमें बर्गर किंग (Burger King) को करारी शिकस्त मिली है।
भारत में बर्गर किंग का बड़ा व्यापार है
बर्गर किंग (Burger King) का भारत में बहुत बड़ा व्यापार है। मुंबई हो या चेन्नई या फिर दिल्ली या गुड़गांव, देश के हर बड़े छोटे शहरों में बर्गर किंग (Burger King) अपना आउटलेट्स चलाता दिख जाता है। लेकिन 13 साल पुराना मामला क्या है, जो इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है? आइये जानते हैं।
Burger King रेस्टोरेंट पर ट्रेड मार्क उल्लंघन का लगाया था आरोप
साल 2011 में बर्गर किंग कॉरपोरेशन ने महाराष्ट्र के पुणे में इसी नाम Burger King से चल रहे एक रेस्टोरेंट पर ट्रेड मार्क उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कोर्ट पहुंची। जिस मामले में अब फैसला आया है। जिसमें पुणे की जिला अदालत ने बर्गर किंग की याचिका को खारिज कर दिया है।
अमेरिकी बर्गर किंग फर्म ने की थी 20 लाख रुपये क्षतिपूर्ति की मांग
दरअसल अमेरिकी बर्गर किंग (Burger King) कंपनी ने पुणे में स्थित बर्गर किंग रेस्टूरेंट के मालिक अनाहिता ईरानी और शापूर ईरानी के खिलाफ 20 लाख रुपये की मुआवजे की भी मांग की थी। इस मुकदमे की सुनवाई पुणे की जिला अदालत के न्यायाधीश सुनील वेद पाठक कर रहे थे। उन्होंने अपने आदेश में कहा कि पुणे का बर्गर किंग अमेरिकी बर्गर किंग कंपनी के भारत में दुकान खोले जाने से पहले से काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी बर्गर किंग कंपनी सुनवाई के दौरान ये साबित करने में नाकाम रही कि पुणे का बर्गर किंग ने उसके ट्रेडमार्क का उल्लंघन किया है।
कंपनी नुकसान की भरपाई की नहीं है हकदार
अपने आदेश में जज सुनील वेदपाठक ने कहा कि बर्गर किंग कॉर्पोरेशन ने भारत में अपनी सेवा देना 2014 में शुरू किया था। जबकि ये रेस्टोरेंट साल 1991-92 से अपनी सेवा दे रहा है। वहीं आर्थिक क्षतिपूर्ति की मांग पर अदालत ने कहा कि कंपनी के ट्रेडमार्क के उल्लंघन और उसे हुए आर्थिक नुकसान का कोई सबूत नहीं था। इसलिए कंपनी नुकसान की भरपाई की हकदार नहीं है।





