नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का IPO अब शेयर बाजार में लिस्ट होने के लिए तैयार है और ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में दिख रहे संकेतों ने निवेशकों की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। यह आईपीओ कोल इंडिया की सहायक कंपनी का है, जो PSU महारत्न कोल इंडिया लिमिटेड की सब्सिडियरी है। शुरुआती समय से ही यह IPO चर्चा में रहा है, लेकिन अब जीएमपी के आधार पर संभावित लिस्टिंग प्राइस के अनुमान से निवेशकों में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।
अब 19 जनवरी को लिस्टिंग के लिए तैयार
पहले यह लिस्टिंग 16 जनवरी को होने वाली थी, लेकिन बीएमसी चुनाव परिणामों के चलते इसे 19 जनवरी 2026 कर दिया गया। ऐसे में निवेशक अब 19 जनवरी की लिस्टिंग के लिए तैयार हो रहे हैं। इस IPO को लेकर ग्रे मार्केट में जो रुझान दिख रहा है, उसके मुताबिक यह IPO 14.2 रुपये प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है। IPO का अपर प्राइस बैंड 23 रुपये तय किया गया है। अगर GMP की यह स्थिति बनी रहती है तो लिस्टिंग प्राइस 37.2 रुपये के आसपास हो सकती है।
IPO से मिली रकम प्रमोटर/शेयरहोल्डर को जाएगी
इसका मतलब है कि निवेशकों को प्रति शेयर 14.2 रुपये का लाभ मिल सकता है, यानी लगभग 61.74% तक का रिटर्न। ऐसे में निवेशकों के लिए यह IPO लिस्टिंग गेन के लिहाज से आकर्षक माना जा रहा है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि यह IPO ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है। यानी कंपनी को इस इश्यू से कोई पैसा नहीं मिलेगा और IPO से मिली रकम प्रमोटर/शेयरहोल्डर को जाएगी।
इस सेगमेंट के लिए आरक्षित
सब्सक्रिप्शन के हिसाब से देखा जाए तो QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स) से सबसे अधिक मांग रही, जिसमें यह IPO 300 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ। इस सेगमेंट के लिए आरक्षित 7,91,69,000 शेयरों के मुकाबले 24,60,65,19,600 शेयरों के लिए बोली आई। रिटेल निवेशकों ने भी इसमें जोरदार हिस्सा लिया और यह 49.33 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स) में 258.16 गुना और शेयरहोल्डर कैटेगरी में 87.29 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
लिस्टिंग गेन के रूप में ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है
यह IPO खास इसलिए भी है क्योंकि यह OFS है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या लिस्टिंग के बाद भी यह तेजी बनाए रखेगा। बाजार में मानना है कि यदि कंपनी की मूल आर्थिक स्थिति और कोल इंडिया की मजबूत पोजिशन बनी रहती है, तो लिस्टिंग के बाद भी शेयर की कीमत में स्थिरता बनी रह सकती है। लेकिन यह भी सच है कि OFS होने के कारण कंपनी के पास नए निवेश के लिए फंडिंग नहीं आती, इसलिए यह इश्यू निवेशकों के लिए लिस्टिंग गेन के रूप में ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BCCL IPO ने शुरुआती दौर में ही निवेशकों का भरोसा हासिल कर लिया
कुल मिलाकर BCCL IPO ने शुरुआती दौर में ही निवेशकों का भरोसा हासिल कर लिया है। GMP के संकेत और भारी सब्सक्रिप्शन ने यह दिखा दिया है कि लिस्टिंग पर निवेशकों को 60% से अधिक लाभ मिल सकता है। अब पहले इसकी लिस्टिंग 16 जनवरी 2026 को होनी थी, लेकिन महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के कारण इसे आगे बढ़ाकर अब 19 जनवरी 2026 कर दिया गया है।19 जनवरी को लिस्टिंग के बाद बाजार में यह IPO कितना जोर पकड़ता है, यह समय बताएगा, लेकिन फिलहाल बाजार की नजरें BCCL के शेयर पर टिकी हुई हैं।





