Anant Ambani के स्टेटमेंट ने जीता भारत का दिल, जानिए जानवरों से लेकर सनातन और श्रीकृष्ण पर क्या बोले

Anant Ambani Vantara Initiative: एशिया के सबसे रईस शख्स मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी पिछले 24 घंटे से सोशल मीडिया पर छाए हैं।
जानवरों के लिए बनाए जा रहे खाने को देखते अनंत अंबानी। दूसरी तस्वीर में हाथी को फल खिलाते अंबानी।
जानवरों के लिए बनाए जा रहे खाने को देखते अनंत अंबानी। दूसरी तस्वीर में हाथी को फल खिलाते अंबानी। रफ्तार।

नई दिल्ली, रफ्तार। एशिया के सबसे रईस शख्स मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी पिछले 24 घंटे से सोशल मीडिया पर छाए हैं। इस बार वह अपनी शादी को लेकर चर्चा में नहीं हैं, बल्कि अपने स्टेटमेंट को लेकर खूब सराहे जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफें हो रहीं हैं। यूजर्स कह रहे हैं कि संस्कार दिखते हैं। दरअसल, सोमवार (26 फरवरी) को रिलायंस इंडस्ट्रीज एवं रिलायंस फाउंडेशन ने पशु कल्याण से संबंधित पहल वनतारा लांच किया, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक अनंत अंबानी की पहल है। यह संस्था जानवरों के बचाव, उपचार, देखभाल और पुनर्वास को समर्पित है।

जानवरों से लगाव की वजह सनातन धर्म

अनंत अंबानी ने जानवरों से लगाव के पीछे सनातन धर्म को बड़ी वजह बताई है। अनंत ने भगवान श्रीकृष्ण और अन्य देवी-देवताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सभी को जानवर प्रिय है। सबमें एक जान है। अनंत अंबानी ने कहा कि सनातन (धर्म) ने मुझे बहुत प्रेरणा दी। जो है, भगवान के कारण हम सब हैं। श्रीकृष्ण कहते थे-हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की। श्रीकृष्ण के सबसे प्यारे होते थे गाय। हाथी, घोड़ा. हमारे हर एक देवता या देवी, हर एक का वाहन जानवर होता था। हर एक देवी-देवता का प्रिय जानवर है।

सेवा का मौका बहुत कम लोगों को मिलता है: अनंत

अनंत ने कहा कि सनातन से मुझे सीख मिली है कि हर एक जान एक है, मनुष्य या पक्षी हो या एक जानवर हो या हाथी हो। सेवा करने का मौका बहुत कम लोगों को मिलता है। उन्होंने कहा कि मैं भगवान का बहुत धन्यवाद करता हूं। भगवान का बहुत आभारी हूं कि मुझे ऐसे जानवरों की सेवा करने का मौका दिया। यह मेरे लिए बहुत बड़ी खुशनसीबी है।

3000 एकड़ में वनतारा

गुजरात के जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के ग्रीन बेल्ट में 3 हजार एकड़ में वनतारा फैला है। इसका लक्ष्य विश्व स्तर पर संरक्षण प्रयासों में अग्रणी योगदानकर्ताओं में से एक बनना है। अनंत ने कहा कि जानवरों की सेवा करना उनका पैशन है। मां ने बचपन से सिखाया था कि जानवरों और अलग-अलग जीव-जंतुओं की सेवा कैसे करें। मां ने सिखाया कि जो बेजुबान जानवर हैं, उनकी सेवा सबसे बड़ी सेवा है।

25 हजार से ज्यादा जानवरों का रेस्क्यू

उन्होंने बताया कि अब तक 25 हजार से ज्यादा जंगली जानवरों का रेस्क्यू किया गया है। हमने बहुत जानवरों का ध्यान भी रखा है। यहां से पूरे भारत में टीमें भिजवाई हैं। चिड़ियाघरों में भिजवाई हैं। हमने अलग-अलग फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की मदद की। उन्होंने भी हमें बहुत सपोर्ट किया।

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