नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक अब सुरक्षित और स्थिर विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि कम जोखिम लेने वाले निवेशकों और रिटायरमेंट प्लानिंग कर रहे लोगों के लिए सरकारी समर्थन वाली योजनाएं बेहद भरोसेमंद मानी जाती हैं। ये योजनाएं मार्केट के जोखिम से बचाते हुए निश्चित और सुरक्षित रिटर्न सुनिश्चित करती हैं।
निवेशकों के लिए पांच प्रमुख और सुरक्षित विकल्प हैं
निवेशकों के लिए पांच प्रमुख और सुरक्षित विकल्प हैं। PPF, FD, NSC, SCSS और NPS। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) सरकार द्वारा समर्थित लोकप्रिय लॉन्ग टर्म बचत योजना है। इसमें न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख सालाना निवेश किया जा सकता है। इसकी ब्याज दर लगभग 7% है और यह योजना E-E-E स्टेटस के साथ आती हैयानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स फ्री रहते हैं। PPF की अवधि 15 साल की होती है और 7 साल बाद आंशिक निकासी की सुविधा भी उपलब्ध होती है, जिससे यह नौकरीपेशा और रिटायरमेंट प्लानिंग करने वालों के लिए बेहद फायदेमंद विकल्प बनती है।
फिक्स्ड डिपॉजिट बैंक समर्थित सुरक्षित निवेश है
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सबसे आसान और बैंक समर्थित सुरक्षित निवेश है। इसमें आमतौर पर 1 से 5 साल की अवधि के लिए 6.5% से 7.5% तक ब्याज मिलता है। सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त रिटर्न का लाभ मिलता है। जमा राशि ₹5 लाख तक बीमा द्वारा सुरक्षित रहती है और जरूरत पड़ने पर FD पर लोन लेना भी संभव है। 5 साल की टैक्स सेविंग FD में आयकर की धारा 80C के तहत छूट का लाभ भी मिलता है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पोस्ट ऑफिस की भरोसेमंद योजना है, जिसे छोटे निवेशकों और बच्चों के लिए आदर्श माना जाता है। इसकी न्यूनतम निवेश सीमा ₹100 से शुरू होती है और ब्याज दर लगभग 7.7% है। NSC 5 साल के लॉक-इन पीरियड के साथ आती है और 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ देती है। यह योजना पूरी तरह मार्केट के उतार-चढ़ाव से स्वतंत्र रहती है।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) 60 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिज़ाइन की गई योजना है। इसमें अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश किया जा सकता है और ब्याज दर लगभग 8% है। SCSS 5 साल के लॉक-इन पीरियड के साथ आती है, जिसे 3 साल तक बढ़ाया जा सकता है। तिमाही आधार पर ब्याज मिलने की वजह से यह रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का भरोसेमंद साधन बनती है।
नेशनल पेंशन सिस्टम
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) लॉन्ग टर्म रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प है। इसमें न्यूनतम ₹1,000 सालाना निवेश करना होता है और निवेश का बैलेंस डेट और इक्विटी में रखा जाता है। टैक्स लाभ के तौर पर 80C के अलावा अतिरिक्त ₹50,000 की छूट (80CCD(1B)) का फायदा मिलता है। 60 साल की उम्र के बाद निवेशकों को मासिक पेंशन और एकमुश्त राशि मिलती है, जिससे यह रिटायरमेंट फंड के लिए सुरक्षित विकल्प बन जाता है।
निवेश और टैक्स लाभ की स्थिति
निवेश और टैक्स लाभ की स्थिति: PPF में निवेश सीमा ₹1.5 लाख सालाना है और यह पूरी तरह टैक्स फ्री है। FD में ब्याज दर 6.5%–7.5% है और ₹5 लाख तक बीमा सहित लोन की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन ब्याज टैक्सेबल है। NSC न्यूनतम ₹100 से निवेश शुरू होता है, ब्याज दर 7.7% और 5 साल लॉक-इन के साथ 80C में टैक्स छूट मिलती है। SCSS में अधिकतम ₹30 लाख निवेश किया जा सकता है, ब्याज लगभग 8% और नियमित तिमाही भुगतान के साथ, ब्याज टैक्सेबल है। NPS में न्यूनतम ₹1,000 सालाना निवेश होता है और इसमें 80C + ₹50,000 अतिरिक्त टैक्स छूट का लाभ मिलता है, जबकि मैच्योरिटी लाभ आंशिक रूप से टैक्स फ्री है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब मार्केट डगमगाता है, तब सुरक्षित निवेश सबसे मजबूत सहारा बनता है। निवेशकों को अपनी उम्र, वित्तीय लक्ष्य और जरूरत के अनुसार इन सुरक्षित विकल्पों का चयन करना चाहिए, ताकि फाइनेंशियल सुरक्षा और स्थिर रिटर्न सुनिश्चित हो सके।





