नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आने वाले समय में कौन-सी नौकरियां सुरक्षित रहेंगी। जहां एक तरफ कई सेक्टर में ऑटोमेशन के कारण नौकरियों पर खतरा बढ़ रहा है, वहीं कुछ ऐसे करियर भी हैं जिन पर AI का असर बहुत कम या लगभग न के बराबर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिन कामों में इंसानी समझ, भावनाएं और निर्णय लेने की क्षमता ज्यादा जरूरी होती है, वे लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे।
हेल्थकेयर और मेडिकल प्रोफेशन सबसे सुरक्षित
डॉक्टर, नर्स, थेरेपिस्ट और हेल्थकेयर से जुड़े अन्य प्रोफेशन को AI से सबसे कम खतरा माना जाता है। इन क्षेत्रों में इंसानी संवेदनशीलता, मरीज से संवाद और जटिल निर्णय लेने की जरूरत होती है, जिसे मशीन पूरी तरह रिप्लेस नहीं कर सकती।
स्किल्ड ट्रेड्स और फील्ड जॉब्स की मांग बनी रहेगी
इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे काम भी लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे। इन जॉब्स में फिजिकल वर्क और ऑन-ग्राउंड प्रॉब्लम सॉल्विंग शामिल होती है, जिसे ऑटोमेशन से पूरी तरह बदलना मुश्किल है।
क्रिएटिव और ह्यूमन इंटरैक्शन वाले काम
ऐसे करियर जिनमें क्रिएटिविटी, स्ट्रैटेजी और इंसानी जुड़ाव जरूरी है, जैसे टीचिंग, साइकोलॉजी, मैनेजमेंट और कंटेंट डायरेक्शन, AI के दौर में भी अहम बने रहेंगे। हालांकि AI इन क्षेत्रों में मदद जरूर करेगा, लेकिन पूरी तरह जगह नहीं ले पाएगा।
AI से जुड़े नए करियर भी बनेंगे
AI के बढ़ने से नई नौकरियां भी पैदा हो रही हैं, जैसे AI इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट। इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है और आने वाले समय में ये हाई-पेइंग और सुरक्षित करियर माने जाएंगे।
तेजी से बदल रहा है जॉब मार्केट
रिपोर्ट्स के मुताबिक AI कई पारंपरिक नौकरियों को प्रभावित कर रहा है और कंपनियां अब कम लोगों के साथ ज्यादा काम करने पर फोकस कर रही हैं। ऐसे में भविष्य में वही लोग सफल होंगे जो नई तकनीकों के साथ खुद को अपडेट करते रहेंगे।




