नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क/ केंद्रीय कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी गई है। जल्द ही इसके लिए कमिटी के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए यह खबर बेहद राहत भरी है।
8वें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में होगी बंपर बढ़ोतरी
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। सूत्रों का कहना है कि नए वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर को कम से कम 2.86 तक बढ़ाया जा सकता है। इसका सीधा असर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर पड़ेगा।
बेसिक सैलरी में होगी जबरदस्त बढ़ोतरी
यदि फिटमेंट फैक्टर 2.86 तय किया जाता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी वर्तमान 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये हो सकती है। यह बदलाव न केवल कर्मचारियों के वेतन को प्रभावित करेगा, बल्कि इससे उनकी जीवनशैली में भी सुधार होगा।
पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ
8वें वेतन आयोग का लाभ सिर्फ कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेंशनर्स को भी इसका फायदा मिलेगा। वर्तमान में न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये है, जो बढ़कर 25,740 रुपये तक पहुंच सकती है।
फिटमेंट फैक्टर का अहम रोल
फिटमेंट फैक्टर केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 7वें वेतन आयोग के तहत, कुल वेतन की गणना बेसिक सैलरी और फिटमेंट फैक्टर के आधार पर की जाती है। इसके अलावा अन्य भत्ते भी इसमें जोड़े जाते हैं।
कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?
8वें वेतन आयोग के लागू होने से सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन और पेंशन में बड़े बदलाव की उम्मीद है। यह निर्णय लगभग 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनधारियों को सीधे प्रभावित करेगा। साथ ही, इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और जीवन स्तर बेहतर होगा।
7वां वेतन आयोग 2016 से लागू
पिछला वेतन आयोग, यानी 7वां वेतन आयोग, 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था। इससे लगभग 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनधारियों को लाभ मिला था। अब 8वें वेतन आयोग के जरिए कर्मचारियों की वेतन और पेंशन में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2026 से इसे लागू किया जाएगा।
हर 10 साल में आता है नया आयोग
आमतौर पर हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन किया जाता है। पिछले आयोग को लागू हुए 10 साल पूरे हो रहे हैं, इसलिए 8वें वेतन आयोग की जरूरत महसूस की जा रही थी। यह नया आयोग सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन की सिफारिश करेगा।
कब हुआ सातवें वेतन आयोग का गठन
7वें वेतन आयोग का गठन 28 फरवरी 2014 को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हुआ था। इस आयोग ने अपनी सिफारिशें नवंबर 2015 में सौंपी थीं, जिसे 1 जनवरी 2016 से लागू किया गया। अब उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग की नींव रख दी है।





