नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. परीक्षा खत्म होने के बाद अब कथित गेस पेपर को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि परीक्षा से पहले बाजार में 150 पन्नों का एक ‘गेस पेपर’ घूम रहा था, जिसमें कुल 410 सवाल शामिल थे. इनमें से 135 सवाल NEET परीक्षा में बिल्कुल हूबहू पूछे गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि सवालों की भाषा, विकल्प, कॉमा और फुलस्टॉप तक एक जैसे मिले हैं. इस खुलासे के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है।
जीव विज्ञान और केमिस्ट्री के सवाल सबसे ज्यादा मैच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कथित गेस पेपर में दिए गए जीव विज्ञान (Biology) के 90 सवाल और रसायन विज्ञान (Chemistry) के 45 सवाल परीक्षा में सीधे मिलते पाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी प्रतियोगी परीक्षा में कुछ सवाल मिल जाना सामान्य हो सकता है, लेकिन इतने बड़े स्तर पर सवालों का शब्दश मिलना बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है।
सीकर से जुड़ा मामला, SOG की कई टीमें जांच में लगीं
जांच एजेंसियों के अनुसार यह कथित ‘गेस पेपर’ राजस्थान के सीकर जिले से बाजार में फैलाया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान SOG की कई टीमें सीकर में जांच कर रही हैं। पुलिस कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही है. जांच के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर और CCTV फुटेज भी जब्त किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में कई अहम सुराग मिले हैं और करीब 3 दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है. वहीं कार्रवाई के बाद कई हॉस्टल संचालक और अन्य संदिग्ध लोग फरार बताए जा रहे हैं।
क्या हुआ पेपर लीक? जांच के बाद होगा खुलासा
राजस्थान SOG के ADG विशाल बंसल ने कहा है कि अभी सीधे तौर पर पेपर लीक की पुष्टि नहीं की जा सकती. फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित गेस पेपर किसने तैयार किया और यह बाजार तक कैसे पहुंचा। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी पहले ही बाहर तो नहीं पहुंच गई थी।
NTA ने जारी किया बयान
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी मामले को लेकर प्रेस नोट जारी किया है. एजेंसी का कहना है कि राजस्थान SOG को पूरी तकनीकी और डेटा सहायता दी जा रही है। NTA ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं. एजेंसी ने कहा कि लाखों छात्रों ने मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा दी है और उनकी मेहनत पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है. छात्र और अभिभावक अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ एक ‘गेस पेपर’ का मामला है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।





