नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर आप क्रिएटिव सोच रखते हैं और डिजाइनिंग, बिल्डिंग या इंफ्रास्ट्रक्चर में रुचि है तो आर्किटेक्चर आपके लिए शानदार करियर विकल्प बन सकता है। भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के चलते आर्किटेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। Architect का काम सिर्फ इमारतों का डिजाइन बनाना नहीं होता, बल्कि स्पेस प्लानिंग, स्ट्रक्चर, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण की पूरी योजना तैयार करना भी होता है।
आर्किटेक्ट बनने के लिए छात्रों को 12वीं में Physics, Chemistry और Mathematics (PCM) विषयों के साथ पढ़ाई करनी होती है। इसके बाद B.Arch यानी बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर कोर्स करना जरूरी होता है, जिसकी अवधि 5 साल की होती है। देश के कई बड़े कॉलेजों में दाखिले के लिए NATA और JEE Main Paper 2 जैसी परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं।
आर्किटेक्चर की पढ़ाई के दौरान छात्रों को डिजाइनिंग, ड्रॉइंग, बिल्डिंग प्लानिंग, 3D मॉडलिंग और सॉफ्टवेयर टूल्स की ट्रेनिंग दी जाती है। आज के समय में AutoCAD, Revit, SketchUp और BIM जैसे डिजिटल टूल्स की जानकारी रखने वाले छात्रों की डिमांड ज्यादा है। इसके अलावा कम्युनिकेशन स्किल, क्रिएटिविटी और प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी भी इस फील्ड में काफी जरूरी मानी जाती है।
डिग्री पूरी करने के बाद छात्र आर्किटेक्चर फर्म, रियल एस्टेट कंपनियों, सरकारी विभागों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में नौकरी कर सकते हैं। कई लोग अपना खुद का आर्किटेक्चर स्टूडियो भी शुरू करते हैं। शुरुआती स्तर पर एक आर्किटेक्ट को 3 से 6 लाख रुपये सालाना तक सैलरी मिल सकती है, जबकि अनुभव बढ़ने के साथ कमाई कई गुना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले वर्षों में स्मार्ट सिटी, ग्रीन बिल्डिंग और सस्टेनेबल डिजाइनिंग के बढ़ते ट्रेंड के कारण आर्किटेक्चर सेक्टर में करियर के अवसर और ज्यादा बढ़ने वाले हैं। ऐसे में यह फील्ड क्रिएटिव और तकनीकी दोनों तरह के छात्रों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है।





