नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Aadhar Card को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। UIDAI ने साफ कर दिया है कि अब Aadhaar कार्ड को जन्मतिथि (Date of Birth) के वैध प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इससे कई सरकारी और निजी कामों में लोगों को दूसरे दस्तावेज देने होंगे।
UIDAI ने क्यों बदला नियम?
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI के मुताबिक Aadhaar कार्ड का मूल उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान और पते को प्रमाणित करना है, न कि उसकी जन्मतिथि को पूरी तरह सत्यापित करना। दरअसल, Aadhaar बनवाते समय कई बार लोग अपनी जन्मतिथि खुद बताते हैं या फिर सीमित दस्तावेजों के आधार पर जानकारी दर्ज की जाती है।
कई मामलों में ऐसा भी होता है कि व्यक्ति के पास जन्मतिथि का पक्का प्रमाण नहीं होता, ऐसे में सिर्फ जन्म वर्ष के आधार पर 1 जनवरी को डिफॉल्ट डेट मानकर दर्ज कर दिया जाता है। इससे Aadhaar में दी गई DOB हमेशा सटीक या आधिकारिक नहीं मानी जा सकती।
अब किन डॉक्यूमेंट्स से होगा DOB का काम?
जन्मतिथि के लिए अब वैध सरकारी दस्तावेज देने होंगे। इसमें बर्थ सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, PAN कार्ड, बोर्ड की मार्कशीट या किसी सरकारी अथॉरिटी द्वारा जारी सर्टिफिकेट शामिल हैं। UIDAI की गाइडलाइन के मुताबिक, DOB तभी वैध मानी जाएगी जब सही डॉक्यूमेंट से वेरिफाइड हो।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
इस बदलाव का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो अब तक Aadhaar को ही हर काम में इस्तेमाल करते थे। अब स्कूल एडमिशन, सरकारी योजनाओं या अन्य प्रक्रियाओं में अलग से DOB प्रूफ देना होगा। पहले कई जगह Aadhaar से ही काम चल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।




