बीजापुर, 24 अप्रैल (हि.स.)। जिले के चेरपाल से 21 अप्रैल की दोपहर मुरलीताती का नक्सलियों ने अपहरण कर लिया था, शुक्रवार देर रात नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उसकी हत्या किए जाने की जानकारी दी है। विज्ञप्ति में एसआई मुरली ताती को एडसमेटा पालनकार का गद्दार करार दिया है, और कहा है कि वह सलवा जुडूम के वक्त से पुलिस में रहते हुए ग्रामीणों पर अत्याचार कर रहा था जिसके बदले में उसे मौत के घाट उतारा गया है। नक्सलियों ने एसआई का शव गंगालूर के पेदापारा में फेंका है, जिसकी सूचना शनिवार सुबह मिलने पर पुलिस मौके पर पंहुचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अपहरण के तीन दिन बाद आखिरकार नक्सलियों ने एसआई मुरली ताती की हत्या कर दिया है। एसआई की पत्नी और भाई ने नक्सलियों से जवान को रिहा करने की अपील करते रहे मगर नक्सलियों का दिल नही पसीजा और अंतत: जवान की हत्या कर दी गई, शव के पास एक पर्चा भी फेका गया है, जिसमे नक्सलियों ने लिखा है कि मुरली ताती वर्ष 2006 सलवा जुडूम के समय से अब तक डीआरजी में पदस्थ रहते हुये, एड्समेट, पालनार, मधुवेन्डी जैसे गावों पर हमला कर ग्रामीणों की हत्या और महिलाओं के साथ छेड़ छाड़ करता था ,साथ ही ग्रामीणों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया करता था, इसी लिये उसकी हत्या की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जगदलपुर में पदस्थ एसआई मुरली ताती छुट्टी लेकर अपने गांव में डेढ़ महीने से रह रहा था। बुधवार को पालनार इलाके में आयोजित मेले में वह घूमने गया हुआ था, इसी दौरान मौका पाकर नक्सलियों ने उसे अगवा कर लिया। ज्ञात हो कि एसआई मुरली ताती आत्मसमर्पित नक्सली था, समर्पण के बाद जिला बल में भर्ती हुआ था। नक्सलियों के विरूद्ध चलाए गए कई अभियान इसी की निशानदेही पर हुई थी, जिसमें बीजापुर पुलिस को बड़ी सफलताएं मिली थी, इसी के चलते मुरली ताती नक्सलियों के हिट लिस्ट में था और मौका मिलते ही उसे अगवा कर नक्सलियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। हिन्दुस्थान समाचार/ राकेश पांडे




