नई दिल्ली। बढ़ती आबादी के कारण दुनिया भर में पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। सिर्फ जमीन ही नहीं बल्कि समुद्र भी इससे अछूते नहीं रहे। पर्यावरण (Career Guide 2021) को हो रहे इस नुकसान की वजह से समुद्री जीवों पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है। यही वजह है कि समुद्रों में रह रहे जीवों पर अध्ययन जरूरी हो गया है। आज हम एक ऐसे ही करियर के बारे में बात करेंगे जो मरीन साइंस में दिलचस्पी रखने वालों के लिए है।
दरअसल, मरीन बायोलॉजी, ओशियनोग्राफी और ओशियन इंजीनियरिंग जैसे करियर (Career Guide 2021) मरीन साइंस के तहत कार्य करने की अधिक संभावनाएं बनाते हैं। पढ़ाई के दौरान स्टूडेंट्स को विभिन्न प्रकार के समद्री जीवों, वनस्पतियों के बारे में बताया जाता है।
ओशियन इंजीनियरिंग के तहत समुद्र के अध्ययन (Career Guide 2021) में इस्तेमाल आने वाले उपकरणों को बनाने और उनके उपयोग की जानकारी दी जाती है। जबकि ओशिनोग्राफी में समुद्र के अंदर के पर्यावरण, ऊर्जा स्रोतों और अंदर होने वाली भौतिक और रासायनिक क्रियाक्रलापों की जानकारी दी जाती है।
कैसे बनाए करियर
मरीन साइंस में करियर (Career Guide 2021) बनाने के लिए शैक्षणिक योग्यता की बात की जाए तो कैमिस्ट, बॉयोलॉजिस्ट, जियोलॉजिस्ट, बॉयोलॉजिकल टेक्नीशियन, कैमिकल टेक्नीशियन में बीएस, एमएस, पीएचडी डिग्री होना आवश्यक है।
मरीन साइंस क्यों है जरूरी
समुद्रों में पर्यावरण में हो रहे बदलाव मनुष्य और पारिस्थितिक तंत्र को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। ऐसे में सरकार भी समुद्र के अंदर हो रहे परिवर्तन की रिसर्च (Career Guide 2021) की ओर लगातार ध्यान दे रही है। मरीन साइंस के अध्ययन के बाद मरीन एजुकेटर, साइंस राइटर, फ़िल्म मेकर, फोटोग्राफ़र, ईको टूरिज्म गाइड, पार्क रेंजर, बीच सुरपरिटेंडेंट आदि क्षेत्रों में भी करियर के अवसर हैं।
यहां से करें मरीन साइंस का कोर्स
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इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ़ ट्रॉपिकल मैट्रियोलॉजी पुणे।
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नेशनल जियोफ़िजिकल रिसर्च इंस्टीटयूट अहमदाबाद।
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नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ़ ओशियनोग्राफ़ी गोवा।





