एड्स या एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंशी सिंड्रोम (Acquired Immune Deficiency Syndrome) दुनिया की सबसे खतरनाक और जानलेवा बीमारियों में से एक है। यह एचआईवी वायरस के कारण फैलने वाला रोग है। दुनियाभर में एड्स के सर्वाधिक मामले असुरक्षित यौन संबंधों के कारण होते हैं।
एड्स क्या है? – What is AIDS
एड्स एचआईवी या ह्यूमन इम्यूनोडेफिसिएंशी वायरस (Human Immunodeficiency Virus) के कारण होता है। जिस इंसान में यह वायरस होता है वह एचआईवी पॉजिटिव होता है। एक संक्रमित रोगी से यह वायरस दूसरे के पास यौन संबंध या खून लेने-देने के दौरान पहुंचता है और फैलता है।
एचआईवी पॉजिटिव होने के बाद शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है और एक स्टेज के बाद यह इतनी कम हो जाती है कि रोगी को बार-बार खांसी-जुकाम और अन्य इंफेक्शन होने लगते हैं। आखिरी स्टेज में कई बार यह रोगी के लिए जानलेवा साबित होती है।
एड्स के प्रमुख कारण – Aids Main Cause in Hindi
असुरक्षित यौन संबंधों, एक से अधिक लोगों के साथ सेक्स करने, बिना जांच किया हुआ रक्त ग्रहण करने, दाढ़ी या टैटू आदि बनाते समय संक्रमित ब्लेड या सुई के इस्तेमाल से एड्स फैलता है।
अकसर लोग सोचते हैं कि एड्स साथ खाने, बैठने, हाथ मिलाने आदि से फैलता है जो सरासर गलतफहमी है। एड्स ना तो रोगी के साथ संपर्क करने से, साथ-साथ खाने, उठने और बैठने, एक-दूसरे का कपड़ा इस्तेमाल करने से नहीं होता है। एड्स के मरीज को दवाई के साथ समाज के सहयोग की भी जरूरत होती है।
एड्स के लक्षण – Aids Symptoms in Hindi
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- अकारण वजन घटते जाना।
- गले या बगल में सूजन भरी गिल्टियों का हो जाना।
- त्वचा पर दर्द भरे और खुजली वाले चकते हो जाना।
- बिना किसी वजह के लगातार डायरिया बने रहना।
- बिना किसी वजह के लगातार थकान बने रहना और तेजी से वजन गिरना।
- मुंह में घाव हो जाना।
- मुंह में सफेद छाले जैसे निशान होना।
- याद्दाश्त में कमी, डिप्रेशन या अन्य दिमागी बीमारी
- लंबे समय तक बुखार रहना
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एड्स के कारण – Aids Causes in Hindi
दुनियाभर में एड्स की फैलने की सबसे बड़ी वजह (Causes of Aids) असुरक्षित यौन संबंधों को माना जाता है। लेकिन कई अन्य कारण भी है जो एड्स के लिए जिम्मेवार माने जाते हैं:
1. असुरक्षित सेक्स – Unsafe Sex
एक से अधिक साथियों के साथ यौन संबंध बनाने से एचआईवी एड्स फैल सकता है। यह समलैंगिक संबंधों में भी हो सकता है।
2. संक्रमित रोगी द्वारा – From HIV+ Victim
एचआईवी पॉजिटिव पुरुष या महिला के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने के कारण भी यह फैलता है।
3. संक्रमित खून चढ़ाने – Through Blood Transfusion
बिना जांच किया हुआ रक्त ग्रहण करने के कारण भी एचआईवी से पीड़ित होने का खतरा रहता है। यह एड्स को फैलाने की दूसरी सबसे बड़ी वजह मानी जाती है।
4. संक्रमित सुई के इस्तेमाल से – Through Infected Needles
ड्रग्स की समस्या ना सिर्फ नशे तक सीमित है बल्कि अगर एक ही इंजेक्शन से कई लोग ड्रग्स लें तो यह एड्स का कारण बन सकता है। सिर्फ ड्रग्स ही नहीं दवाई लेने के दौरान भी संक्रमित सुई का इस्तेमाल हानिकारक होता है।
5. संक्रमित ब्लेड से – Through Infected Blood
साथ ही नाई के यहां बिना स्टरलाइज्ड (रोगाणु-मुक्त) उस्तरा या पुराना इन्फेक्टेड ब्लेड (Infected Blade) इस्तेमाल करने से भी यह फैल सकता है।
6. संक्रमित माता से – HIV Positive Mother
एचआईवी संक्रमित माता के द्वारा यह बच्चे में खून या प्रसव के समय और दूध पिलाने के दौरान पहुंच जाता है।
एड्स का इलाज – AIDS Treatment in Hindi
एड्स एक ऐसी बीमारी है जिसका सबसे अच्छा उपाय बचाव माना जाता है। एड्स से बचने के लिए निम्न उपाय अपनाने चाहिए:
1. सुरक्षित सेक्स – Use Safety
एड्स, एचआईवी संक्रमण और अन्य सेक्स संक्रमित बीमारियां रोकने के लिए हमेशा संबंध बनाते समय कंडोम आदि का प्रयोग करना चाहिए। अपने जीवनसाथी के प्रति वफादार रहना चाहिए और एक से अधिक व्यक्ति से यौनसंबंध बनाने से बचना चाहिए।
2. इस्तेमाल की गई सुइयों का प्रयोग ना करें – Use Disposable Syringe
सुई लगवाते समय हमेशा यह ध्यान रखें कि डिस्पोजेबल सीरिंज या सुइयों का ही इस्तेमाल हो।
3. खून के लेन-देन से पहले जांच – Test Before Blood Transfusion
खून लेने या देने से पहले उसकी जांच अवश्य कर लें। यदि आप एच.आई.वी संक्रमित या एड्स ग्रसित हैं तो रक्तदान ना करें।
4. गर्भवती महिलाएं ध्यान रखें – Tips for HIV+ Pregnant
गर्भवती महिलाओं को अपना एचआईवी टेस्ट जरूर कराना चाहिए। अगर जांच पॉजिटिव है तो बच्चा हो जाने के बाद एचआईवी से ग्रस्त मां को बच्चे को अपना दूध नहीं पिलाना चाहिए। इस केस में बोतल से दूध पिलाना बेहतर माना जाता है।
5. शक होने पर एच.आई.वी टेस्ट – HIV AIDS Test
यदि आप को एच.आई.वी एड्स होने का संदेह हो तो तुरंत अपना एच.आई.वी परीक्षण कराना चाहिए।
6. एचआईवी एड्स की दवाइयां – HIV AIDS Drugs
एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति को इलाज के दौरान एंटी-रेट्रोवायरल ड्रग्स दिए जाते हैं।





