नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पापमोचिनी एकादशी पड़ने जा रही है। लेकिन क्या आप भी इसकी डेट को लेकर कन्फूस हो रहे हैं तब चलिए इससे जुड़ी सारी जानकारी बताते हैं कि ये एकादशी 14 को पड़ेगी या फिर 15 मार्च को। और इसके साथ ही इस दिन ऐसा क्या करें कि भगवान विष्णु की कृपा आप पर बनी रहे।
पापमोचिनी एकादशी कब ?
पंचांग अनुसार पापमोचिनी एकादशी तिथि की शुरुआत 14 मार्च 2026 की सुबह 8 बजकर 10 मिनट से होगी और इसका समापन 15 मार्च 2026 की सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर होगा। पापमोचिनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026 को रखा जाएगा। दरअसल हिंदू धर्म में उदया तिथि को ज्यादा महत्व दिया जाता है। चूंकि 15 तारीख को एकादशी तिथि सूर्योदय के समय मौजूद रहेगी इसलिए इसी दिन एकादशी व्रत रखना ज्यादा उत्तम रहेगा।
पूआ विधि
एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद सूर्य देव को जल चढ़ाएं। फिर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु की विधि से पूजा करें और धूप, दीप, चंदन और फल आदि चीजें भगवान को अर्पित करें। इस दिन आप भगवान विष्णु को प्रसन्न क्र सकते है। संभव हो तो इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ जरूर करें। इससे भगवान शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते हैं।पूजा के समय पापमोचिनी एकादशी की कथा जरूर सुनें और अंत में भगवान विष्णु की आरती करके पूजा संपन्न करें।इसके अलावा इस दिन जरुरतमंद व्यक्ति और ब्राह्मणों को दान अवश्य दें।इसके बाद अगले दिन शुभ मुहूर्त में पारण कर लें।
एकादशी के दिन क्या करें दान?
अन्न दान
गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न दान करना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है। आप चावल, आटा, दाल या भोजन का दान कर सकते हैं।
फल और भोजन का दान
फल, दूध, मखाना या व्रत का भोजन साधु-संतों या जरूरतमंदों को देना शुभ माना जाता है।
वस्त्र दान
जरूरतमंद लोगों को कपड़े दान करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। खासकर सफेद या पीले वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है।
तुलसी का दान
एकादशी पर तुलसी का विशेष महत्व है। तुलसी का पौधा मंदिर या किसी श्रद्धालु को दान करना शुभ माना जाता है।




