नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। शिव पुराण के अनुसार भगवान शंकर की पूजा में फूल और पत्ते दोनों का विशेष महत्व है। भोलेनाथ अपने भक्तों की भक्ति से जल्दी प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से जीवन की परेशानियां, रोग, चोट और भय दूर होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवजी को कुछ विशेष फूल अत्यंत प्रिय हैं, जिन्हें चढ़ाने से भक्तों को विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं।
1. गुड़हल (Hibiscus)
लाल रंग के गुड़हल को अड़हल का फूल भी कहा जाता है। यह भगवान शिव और माता पार्वती दोनों को प्रिय है। मान्यता है कि गुड़हल अर्पित करने से सुख-समृद्धि और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
2. परिजात (Night-flowering Jasmine)
परिजात सुंदर और महक वाले फूलों में से है। इसे भगवान राम को प्रिय माना जाता है, लेकिन भगवान शिव भी इसके शौकीन हैं। परिजात अर्पित करने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है और जीवन सुखी बनता है।
3. कमल का फूल (Lotus)
कमल का फूल माता लक्ष्मी को प्रिय माना जाता है, लेकिन भगवान शिव भी इसे पसंद करते हैं। कमल अर्पित करने से भोलेनाथ की कृपा मिलती है और जीवन में वैभव आता है।
4. गुलाब (Rose)
गुलाब का फूल सभी देवी-देवताओं को प्रिय है। शिवजी को गुलाब चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, अच्छी सेहत, लंबी आयु और खुशहाल जीवन का वरदान मिलता है।
5. चमेली (Jasmine)
चमेली अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है, वाहन सुख मिलता है और घर में अनाज की कमी नहीं रहती। यह फूल विशेष रूप से शुभता और समृद्धि लाता है।
6. धतूरे का फल और फूल (Datura)
धतूरे भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। पूजा में इसका उपयोग अनिवार्य है। धतूरे अर्पित करने से शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और दंपत्तियों के लिए संतान की प्राप्ति की मनोकामना जल्दी पूरी होती है।
भगवान शिव की भक्ति में फूलों का महत्व अत्यधिक है। सही फूल अर्पित करके भक्त न केवल उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि जीवन में सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा भी सुनिश्चित कर सकते हैं।




