नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जया एकादशी के दिन विशेष तौर पर भगवान विष्णु की पूजा का जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना सच्चे ह्रदय से करनी चाहिए। जया एकादशी के दिन आप जल, रोली, चंदन से भगवान विष्णु को मनायें। इस व्रत को करने से मनुष्य पिशाच योनि से मुक्ति पा लेता है I
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जया एकादशी की पूजा करने का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार 31 जनवरी की रात से ही जया एकादशी की शुरुआत हो जाएगी। 31 जनवरी की रात 11 बजकर, 53 मिनट पर जया एकादशी की तिथि शुरू हो जाएगी और इसका समापन 1 फरवरी, 2023 को दोपहर के 2 बजे हो जाएगा। उदयातिथि के अनुसार, जया एकादशी 01 फरवरी को ही मनाई जाएगी।
जया एकादशी की पूजा विधि
जया एकादशी के दिन सुबह सबसे पहले स्नान करने के बाद संकल्प लें। इसके बाद धूप, दीप, फल और पंचामृत अवश्य से भगवान विष्णु को अर्पित करें। एकादशी व्रत के दिन रात्रि जागरण करना बेहद ही शुभ माना जाता है। रात में श्री हरि का भजन करने से मनुष्य अपने सभी पापों से मुक्ति पा जाता है। एकादशी के अगले दिन द्वादशी पर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं उन्हें दान दक्षिणा दें और उसके बाद ही अपने व्रत का पारण करें। एकादशी के व्रत वाले दिन विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है I





