नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सनातन धर्म में सावन शिवरात्रि का विशेष विधान माना जाता है जहां भगवान भोलेनाथ को रिझाने सभी भक्त अपनी सामर्थ्य अनुसार व्रत अनुष्ठान करते है जहां इस बार सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर कई दुर्लभ और मंगलकारी योग बन रहे हैं। इनमें हर्षण और भद्रावास प्रमुख संयोग पड़ रहा है इन योग में भक्त भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती की अपनी श्रद्धा अनुसार, पूजा करते है। जिससे साधक को जीवन में सुखों का आगमन होता है आइए जानते है सावन शिवरात्रि की सही डेट एवं शुभ मुहूर्त ।
बता दे, ज्योतिषियों की मानें तो सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर कई दुर्लभ और मंगलकारी योग बन रहे हैं। इनमें हर्षण और भद्रावास प्रमुख संयोग हैं। इन योग में भक्ति भाव से भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक को दोगुना फल मिलेगा। साथ ही जीवन में सुखों का आगमन होगा। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए सावन शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस दिन सावन शिवरात्रि के दिन भक्तजन देवों के देव महादेव का जलाभिषेक करते हैं। इससे घर में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली आती है। यह पर्व हर साल भगवान शिव और मां पार्वती की निशा काल में पूजा की जाती है।
सावन 2025
सावन का महीना भोलेनाथ को अति प्रिय इस दिन भगवान शिव की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। इस दिन साावन का महीना देवों के देव देव महादेव को अति प्रिय है। साथ ही सावन सोमवार, सावन शिवरात्रि और त्रयोदशी तिथि पर व्रत रखा जाता है।इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही शिवजी की कृपा साधक पर बरसती है।
सावन शिवरात्रि शुभ मुहूर्त
सावन माह का महीना कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 23 जुलाई को सुबह 04 बजकर 39 मिनट आरंभ होगा।
24 जुलाई को देर रात 02 बजकर 28 मिनट पर सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का समापन होगा।
23 जुलाई को पूजा का समय निशा काल में 12 बजकर 07 मिनट से लेकर 12 बजकर 48 मिनट तक है।
पूजा समय
प्रदोष काल में पूजा समय संध्याकाल 07 बजकर 17 मिनट से रात 09 बजकर 53 मिनट तक है।
दूसरे प्रहर में पूजा समय रात 09 बजकर 53 मिनट से लेकर रात 12 बजकर 28 मिनट तक है।
तीसरे प्रहर में पूजा समय रात 12 बजकर 28 मिनट से देर रात 03 बजकर 03 मिनट तक है।
सावन शिवरात्रि कब है?
सावन की ज्योतिषियों की मानें तो, सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 23 जुलाई के दिन है। जिसमें चतुर्दशी तिथि पर निशा काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके लिए 23 जुलाई को सावन माह की शिवरात्रि मनाई जाएगी। भक्तजन इस दिन व्रत रख महादेव की पूजा एवं भक्ति करते है । वहीं व्रत का पारण 24 जुलाई के दिन कर सकते हैं।
पंचांग
सूर्योदय सुबह 05 बजकर 37 मिनट पर होगा।
सूर्यास्त – शाम 07 बजकर 17 मिनट पर होगा।
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 15 मिनट से 04 बजकर 56 मिनट तक होगा।
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से 03 बजकर 39 मिनट तक होगा।
गोधूलि मुहूर्त – शाम 07 बजकर 17 मिनट से 07 बजकर 38 मिनट तक होगा।
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक होगा।




