back to top
23.1 C
New Delhi
Saturday, April 4, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

आज गंगा दशहरा के दिन पितृ तर्पण करने से मिल सकती है पितृदोषों से मुक्ति! जानिए इससे जुड़ी जानकारी

ज्येष्ठ की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाताहै, सदियों से इस दिन पितरों के तर्पण करने का विधान है, आखिर इस दिन पितरों के तर्पण के लिए खास क्यों है? चलिए जानते हैं।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। ज्येष्ठ माह की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। सदियों से इस दिन पितरों के तर्पण करने का विधान माना जाता रहा है। लेकिन इस दिन पितरों के तर्पण काखास महत्व इसलिए है क्योंकि, एक पौराणिक कथा के अनुसार, भागीरथ के वर्षों कठिन तपस्या के बाद इस दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थी। लेकिन भागीरथ के गंगा को पृथ्वी पर बुलाने ये खास कारण था। जो इस प्रकार है आइए जानते है इस खास दिन के बारे में। 

गंगा दशहरा को पितरों के तर्पण के लिए बहुत ही खास दिन माना जाता है, कहते है इस दिन पितरों के तर्पण करने से उन्हें मुक्ति और शांति मिलती है। क्योंकि, भागीरथ ने यह दिन पितरों के तर्पण के लिए वर्षों कठिन तपस्या के बाद गंगा को पृथ्वी पर उतारा था। अगर आप भी अपने पितरों को मुक्ति मिलने तर्पण करना चाहते है तो ये आर्टिकल आपके लिए बेहद यूजफूल साबित हो सकता है। 

जाने पितृ दोष से कैसे मिलेगी मुक्ति

अगर किसी की कुंडली में पितृ दोष है तो ये दिन पितृ दोष की शांति के लिए बढ़‍िया दिन है, इस दिन आप गंगा नदी में विधि विधान से पितरों का तर्पण करके अपने पितृ दोष को शांत कर सकते है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन आपके पितरों को तर्पण से जन्म मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है । पितरों के तर्पण से वो वो प्रसन्न होकर आपको सुख शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते है। 

इस दिन कैसे करें पितरों को प्रसन्न?

गंगा दशहरा के दिन आप गंगा में पितरों के निमित जल में तिल, जौ, अक्षत मिलाकर तर्पण कर सकते हैं। 

गंगा दशहरा के दिन उनके नाम से आप दीपदान कर सकते हैं घर के दक्षिण दिशा में दीप जला सकते हैं.

इस दिन पितरों के निमित्त दान पुण्य का विधान है, पितरों के नाम अन्न, जल का दान कर सकते हैं। 

इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है,आप पितरों के नाम पर मंत्रों का जाप कर सकते हैं। 

इस दिन आप पशु और पक्षियों को अन्न और जल दान करके भी पितरों को खुश कर सकते है। 

इस दिन आप अपने पितरों के नाम पर पीपल के निमित्त सांयकाल एक दीपक जला सकते है। 

इन समस्त उपायों को करने से अपने पितृ दोष से आप मुक्ति पा सकते है, साथ ही अपने पितरों को प्रसन्न कर सकते है।

Advertisementspot_img

Also Read:

क्यों कहा जाता है गंगा को भारत की ‘मदर रिवर’? जानिए इतिहास, भूगोल और आस्था से जुड़ी असली वजह

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत में नदियों को सिर्फ जलधारा नहीं, बल्कि जीवन की आधारशिला माना जाता है। इन्हीं नदियों में सबसे प्रमुख और पूजनीय...
spot_img

Latest Stories

उड़ने से पहले संभल जाएं! 60 हजार का टिकट पहुंचा 1.5 लाख के पार, इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराये में बंपर उछाल

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-इज़राइल-अमेरिका...

चेपॉक में प्रियांश आर्य का तूफान, Punjab Kings ने CSK के खिलाफ सबसे तेज टीम फिफ्टी बनाकर रचा इतिहास

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आईपीएल 2026 के सातवें मुकाबले में...

Gold Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी, सोने की खरीद पर सख्ती: जानिए आज का पूरा अपडेट

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। 4 अप्रैल 2026 को तेल कंपनियों...

क्या आप भी शनिवार का व्रत रखने का सोच रहे हैं? तो जानिए कब और कैसे शुरू करें

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। शनिदेव को प्रसन्न करने के...

Travel Tips: हनीमून का बना रहे हैं प्लान, तब इन जगहों पर करें विजिट

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इस समय का मौसम अभी...

Vastu Tips: शनिवार के दिन जरूर करें वास्तु उपाय, बनी रहेगी शनिदेव की कृपा

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज शनिवार के दिन शनि...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵