नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी। देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुद्गल के अनुसार, इस दिन निशिता काल में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। पर्व के समय शाम से भद्रा का साया रहेगा, लेकिन श्रवण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण शिव पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाएगी।
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान शिव और माता पार्वती की साधना, भक्ति और आस्था का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी रात्रि को भगवान शिव ने शिवलिंग रूप में प्रकट होकर संसार की रचना का प्रतीक स्थापित किया।
शिवलिंग का महत्व और पौराणिक कथा
शिवलिंग को सृष्टि का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि मन, चित्त, बुद्धि, जीव, माया, ब्रह्म, आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी इन सभी तत्वों के समन्वय से शिवलिंग का निर्माण हुआ। इसी कारण महाशिवरात्रि की रात्रि में की गई साधना अत्यंत फलदायी होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए इस दिन मंदिरों से शिव बारात भी निकाली जाती है।
भद्रा और निशिता काल का समय
ऋषिकेश पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी 2026 को शाम 5:04 बजे से कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शुरू होगी और 16 फरवरी शाम 5:34 बजे समाप्त होगी। इस बार महाशिवरात्रि के दिन भद्रा का साया रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भद्राकाल में कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। भद्राकाल की शुरुआत 15 फरवरी शाम 5:04 बजे से होगी और समाप्त 16 फरवरी सुबह 5:23 बजे तक रहेगी।
विशेष योग और शुभ नक्षत्र
महाशिवरात्रि पर एक विशेष शुभ संयोग भी बन रहा है। रात 7:48 बजे तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र आरंभ होगा। श्रवण नक्षत्र को शिव पूजन के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इसके साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है, जो पूजा, साधना और अभिषेक के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। संध्या समय इस योग में भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा करने से जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त होती है।
विवाह और विशेष उपाय
महाशिवरात्रि के दिन अगर विवाह में समस्या झेल रहे जातक भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती को हल्दी अर्पित करें, तो उनकी शादी-संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और विवाह शीघ्र संपन्न होता है। इस प्रकार महाशिवरात्रि 2026 शिवभक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी अवसर लेकर आ रही है।




