नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। शारदीय नवरात्रि 2025 (Shardiya Navratri 2025) की तैयारियां पूरे देश में जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। देवी दुर्गा की आराधना के नौ पावन दिनों में अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन (Kanya Pujan) का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इन दिनों में छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का साक्षात स्वरूप मानकर उनका पूजन और भोजन कराया जाता है। हालांकि, इस अनुष्ठान में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है, अन्यथा मां दुर्गा की कृपा के स्थान पर अप्रसन्नता झेलनी पड़ सकती है।
क्या बनाएं कन्या पूजन के लिए भोग में?
1. सूजी का हलवा
देसी घी में बना हुआ शुद्ध सूजी का हलवा कन्या भोज का मुख्य व्यंजन है। इसे माता को पहले भोग लगाएं और फिर कन्याओं को परोसें।
2. पूरी
साफ, ताजी और फूली हुई सादी पूरी कन्या भोजन में जरूर होनी चाहिए। कुछ स्थानों पर मीठी पूड़ी की परंपरा भी देखी जाती है।
3. काले चने
बिना लहसुन-प्याज के पकाए गए काले चने का भोग अनिवार्य माना गया है। यह देवी मां को अत्यंत प्रिय माने जाते हैं।
4. खीर (वैकल्पिक)
चावल की खीर भी हलवे के स्थान पर या साथ में दी जा सकती है। यह मां को अर्पित किए जाने वाले शुभ व्यंजनों में से एक है।
5. ताजे फल व मिठाई
भोजन के बाद कन्याओं को मौसमी फल जैसे केला, सेब और हल्की मिठाइयाँ दें। इससे पूजन पूर्ण माना जाता है।
भूलकर भी न करें ये गलतियाँ
कन्या पूजन में जो भोजन परोसा जाए, वह पूरी तरह से सात्विक होना चाहिए।
इन चीज़ों से बचें
प्याज और लहसुन
मांस, अंडा या अन्य तामसिक खाद्य
बासी या फ्रिज का रखा भोजन
बाजार में बना या पैकेटबंद खाना
अत्यधिक खट्टी चीजें (जैसे अचार या नींबू)
ऐसी मान्यता है कि इन चीजों का भोग में प्रयोग देवी मां को अप्रसन्न कर सकता है।
कन्याओं को ऐसे करें सम्मानपूर्वक विदा
पूजन के बाद कन्याओं को खाली हाथ कभी न भेजें।
सबसे पहले उनके चरण छूकर आशीर्वाद लें।
फिर उन्हें उपहार या दक्षिणा दें और मुस्कराकर विदा करें।
विदाई के तुरंत बाद घर की साफ-सफाई करने से बचें, यह अशुभ माना गया है।
कन्या पूजन केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि नारी शक्ति का सम्मान है। यदि आप पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ कन्याओं की सेवा करेंगे, तो मां दुर्गा की कृपा आप पर बनी रहेगी। इस शारदीय नवरात्रि 2025 में मां के स्वागत की तैयारी में कोई भी त्रुटि न करें।





