नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक हलचलें तेज होती जा रही हैं। पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मनेर विधानसभा सीट इस बार भी खास फोकस में है। सामान्य श्रेणी की यह सीट आरजेडी का गढ़ मानी जाती है, जहां से भाई वीरेंद्र यादव लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके हैं। यहां हर चुनाव में आरजेडी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलती है।
यादव वोट बैंक से मजबूत होती है RJD की पकड़
कृषि-प्रधान मनेर विधानसभा सीट पर बाढ़, बेरोजगारी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी आज भी अहम चुनावी मुद्दे बने हुए हैं। 1951 में स्थापित इस सीट पर अब तक कांग्रेस 7 बार और RJD 5 बार जीत दर्ज कर चुकी है। यहां चुनावी नतीजों को जातिगत समीकरण गहराई से प्रभावित करते हैं, खासकर यादव समुदाय की मजबूत मौजूदगी RJD को लगातार बढ़त दिलाती रही है।
मनेर में यादव-SC गठजोड़ बनाता है RJD को मजबूत
मनेर विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण चुनावी नतीजों को गहराई से प्रभावित करते हैं। यादव समुदाय लगभग 26% की हिस्सेदारी के साथ RJD का परंपरागत वोट बैंक बना हुआ है, जिसका इस सीट पर 1951 से प्रभाव रहा है। करीब 13.5% SC मतदाता हर चुनाव में किंगमेकर की भूमिका निभाते हैं और उनका झुकाव कभी महागठबंधन तो कभी NDA की ओर देखने को मिलता है।
कुशवाहा और कोइरी जैसे अन्य OBC समुदाय 15–20% हिस्सेदारी के साथ सत्ता संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं। मुस्लिम मतदाता लगभग 5.1% हैं, जो अल्पसंख्यक समीकरण को RJD के पक्ष में मजबूत करते हैं। वहीं, भूमिहार और राजपूत जैसी ऊपरी जातियां भले ही संख्या में कम हों, लेकिन BJP के लिए ये वोटबैंक खासा मायने रखता है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यादव और SC मतदाताओं का गठजोड़ RJD के पक्ष में निर्णायक भूमिका निभाता है।
यादव वोटबैंक की ताकत से लगातार जीतते आए हैं वीरेंद्र यादव
मनेर विधानसभा सीट पर पिछले तीन चुनाव 2010, 2015 और 2020 में RJD के भाई वीरेंद्र यादव ने लगातार जीत दर्ज की है। इनकी जीत में यादव समुदाय का मजबूत समर्थन अहम भूमिका निभाता रहा है। 2020 के चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार निखिल आनंद को हराया था, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी श्रीकांत निराला तीसरे स्थान पर रहे। लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके वीरेंद्र यादव इस सीट पर RJD के लिए एक भरोसेमंद चेहरा बन चुके हैं।
वीरेंद्र यादव ने श्रीकांत निराला को दी थी बड़ी शिकस्त
2015 के विधानसभा चुनाव में मनेर सीट से RJD के उम्मीदवार भाई वीरेंद्र यादव ने एकतरफा जीत दर्ज की थी। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी श्रीकांत निराला को 22,828 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। यह जीत न सिर्फ यादव वोटबैंक की मजबूती दिखाती है, बल्कि क्षेत्र में वीरेंद्र यादव की पकड़ को भी साबित करती है।
2010 में भी मनेर सीट पर RJD का कब्ज़ा
2010 के विधानसभा चुनाव में भी मनेर सीट पर RJD ने अपनी पकड़ बनाए रखी। पार्टी के उम्मीदवार वीरेंद्र यादव ने JDU के प्रत्याशी श्रीकांत निराला को हराया था। इस चुनाव में वीरेंद्र यादव को कुल 57,818 वोट मिले थे, जिससे उनकी लोकप्रियता और संगठनात्मक पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है।





